UGC रेगुलेशन 2026 लागू कराने की मांग पर लखनऊ में उग्र प्रदर्शन, डॉ पल्लवी पटेल समर्थकों संग रेलवे ट्रैक पर उतरीं, वंदे भारत ट्रेन रोकी गई
लखनऊ: यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर लखनऊ में बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। अपना दल कमेरावादी और विभिन्न सामाजिक, छात्र-युवा संगठनों के साथ मिलकर सिराथू विधायक डॉ पल्लवी पटेल ने चारबाग रेलवे स्टेशन से प्रदर्शन शुरू किया, जो बाद में उग्र रूप ले लिया। प्रदर्शनकारियों ने रेलवे ट्रैक पर उतरकर चक्का जाम कर दिया, जिससे दिल्ली से अयोध्या जाने वाली वंदे भारत ट्रेन को आउटर पर रोकना पड़ा और वह करीब एक घंटे लेट हो गई।
रेलवे ट्रैक पर चक्का जाम से मचा हड़कंप
चारबाग रेलवे स्टेशन के आरक्षण केंद्र के पास बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोके जाने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसके बाद डॉ पल्लवी पटेल हजारों समर्थकों के साथ रेलवे ट्रैक पर उतर गईं। ट्रैक पर प्रदर्शन के चलते रेलवे और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया और स्टेशन पर आवागमन प्रभावित हो गया।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। हालात को नियंत्रित करने के लिए रेलवे और पुलिस अधिकारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। बाद में बातचीत और समझाइश के बाद डॉ पल्लवी पटेल को ट्रेन के इंजन से उतारा गया।
डॉ पल्लवी पटेल समेत कई प्रदर्शनकारी हिरासत में
प्रदर्शन के बाद डॉ पल्लवी पटेल सहित बड़ी संख्या में आंदोलन कर रहे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत शनिवार दोपहर करीब 12 बजे प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए प्रदर्शनकारियों ने चारबाग रेलवे स्टेशन पर एकत्र होकर आंदोलन शुरू किया था।
नारेबाजी के साथ किया जोरदार प्रदर्शन
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 लागू करो”, “हम सबका है ऐलान, सबको शिक्षा सबको मान”, और “शिक्षण संस्थानों में वंचितों का उत्पीड़न बंद करो” जैसे नारे लगाए। हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया।
सरकार पर गंभीर आरोप, अंतिम संघर्ष का ऐलान
डॉ पल्लवी पटेल ने कहा कि जाति, लिंग, धर्म और अक्षमता के आधार पर उच्च शिक्षण संस्थानों में भेदभाव और उत्पीड़न की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार यूजीसी विनियम 2026 लाया गया है, लेकिन इसे न्यायिक प्रक्रिया में उलझाकर लंबित कर दिया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार वंचित वर्गों के हितों के खिलाफ काम कर रही है और शिक्षा व्यवस्था में असमानता बनाए रखने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि रोहित वेमुला, दर्शन सोलंकी और पायल तडवी जैसी घटनाओं से सबक लेने के बजाय व्यवस्था को दबाया जा रहा है।
डॉ पल्लवी पटेल ने कहा कि यह विनियम किसी समुदाय के खिलाफ नहीं बल्कि शोषण के खिलाफ है और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए है। उन्होंने साफ कहा कि यूजीसी रेगुलेशन 2026 को लागू कराने के लिए वे अंतिम दम तक संघर्ष करेंगे।
