बिहार

बांकीपुर उपचुनाव में आज सियासी अग्निपरीक्षा! BJP का गढ़ बचाएंगे नीरज सिन्हा या तेजस्वी के प्रचार से बदलेगा खेल?

पटना: बिहार विधानसभा के पहले उपचुनाव में गुरुवार को बांकीपुर सीट पर मतदान होगा। इस चुनाव के जरिए मतदाता तय करेंगे कि भाजपा का लंबे समय से कायम मजबूत जनाधार बरकरार रहता है या विपक्ष कोई नया राजनीतिक संदेश देने में सफल होता है। यह चुनाव भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन के राजनीतिक प्रभाव की भी परीक्षा माना जा रहा है। वहीं, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव के अंतिम दो दिनों के चुनाव प्रचार का असर भी नतीजों में देखने को मिलेगा।

3.79 लाख से अधिक मतदाता करेंगे फैसला

बांकीपुर उपचुनाव में 3 लाख 79 हजार 616 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। निर्वाचन प्रक्रिया के लिए 422 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। मतदान के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की 14 कंपनियां भी तैनात की गई हैं।

भाजपा के गढ़ पर टिकी सबकी नजर

पिछले विधानसभा चुनाव में नितिन नवीन ने राजद उम्मीदवार रेखा गुप्ता को करीब 52 हजार वोटों के अंतर से हराया था। उन्हें लगभग 63 प्रतिशत वोट मिले थे और वह लगातार पांचवीं बार इस सीट से विधायक चुने गए थे। इससे पहले उनके पिता भी पटना पश्चिम नाम से जानी जाने वाली इस सीट से चार बार चुनाव जीत चुके हैं। पिछले 31 वर्षों से यह सीट भाजपा के कब्जे में रही है।

तेजस्वी यादव के प्रचार पर भी रहेगी नजर

इस उपचुनाव में राजद ने एक बार फिर रेखा गुप्ता को उम्मीदवार बनाया है। चुनाव प्रचार के अंतिम दो दिनों में तेजस्वी यादव ने बांकीपुर में सक्रिय प्रचार किया। अब चुनाव परिणाम से यह साफ होगा कि उनके प्रचार का असर राजद के वोट प्रतिशत पर कितना पड़ा और क्या पार्टी भाजपा को कड़ी टक्कर देने में सफल रही।

प्रशांत किशोर के लिए भी अहम मुकाबला

जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर ने इस चुनाव में शुरुआत से ही सक्रिय प्रचार किया। औपचारिक रूप से उम्मीदवार घोषित होने से पहले ही उन्होंने चुनावी अभियान शुरू कर दिया था। अब परिणाम यह भी बताएंगे कि जन सुराज पार्टी भाजपा और राजद के पारंपरिक वोट बैंक में कितनी सेंध लगा सकी।

भाजपा में टिकट बदलने के बाद बदला उम्मीदवार

भाजपा ने शुरुआत में अभिषेक बंटी को उम्मीदवार बनाया था। उन्होंने नामांकन भी दाखिल किया, लेकिन बाद में एक मामले में परिजनों का नाम सामने आने की चर्चा के बीच चुनाव मैदान से हटने का ऐलान कर दिया। इसके बाद पार्टी ने नीरज सिन्हा को उम्मीदवार बनाया। भाजपा ने इस सीट को बरकरार रखने के लिए संगठन के विधायक से लेकर सांसद तक को चुनाव प्रचार में उतारा।

तीनों दलों ने अपने-अपने दावे किए

भाजपा ने विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के मुद्दे पर वोट मांगे हैं। राजद का दावा है कि बांकीपुर में बदलाव की लहर है, जबकि जन सुराज पार्टी ने भाजपा को हराकर बड़ा राजनीतिक संदेश देने की बात कही है। चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा ने चुनाव आयोग से शिकायत करते हुए प्रशांत किशोर पर चुनाव में करोड़ों रुपये खर्च करने का आरोप भी लगाया।

3 अगस्त को आएगा फैसला

बांकीपुर उपचुनाव के नतीजे 3 अगस्त को घोषित किए जाएंगे। परिणाम से यह स्पष्ट होगा कि भाजपा अपनी परंपरागत सीट बचाने में सफल रही या विपक्ष और जन सुराज पार्टी ने चुनावी समीकरण बदल दिए। साथ ही, यह परिणाम हालिया छात्र आंदोलन के बाद प्रदेश के राजनीतिक माहौल का भी महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।