पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पुण्यतिथि पर उमड़ा सम्मान, बेटे विक्रमादित्य सिंह बोले- विकास का उनका विजन हमेशा देता रहेगा प्रेरणा
शिमला: हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और छह बार प्रदेश की कमान संभालने वाले स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की पांचवीं पुण्यतिथि पर बुधवार को राजधानी शिमला में उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। ऐतिहासिक रिज मैदान स्थित उनकी प्रतिमा पर लोक निर्माण मंत्री एवं उनके पुत्र विक्रमादित्य सिंह ने पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शिमला के मेयर सुरेंद्र चौहान, विधायक हरीश जनार्था सहित कांग्रेस के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी पूर्व मुख्यमंत्री को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
‘प्रदेश के विकास का उनका विजन हमेशा प्रेरणा देगा’
इस अवसर पर विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि पूरा हिमाचल प्रदेश आज स्वर्गीय वीरभद्र सिंह को श्रद्धापूर्वक याद कर रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले उनकी जयंती पर भी पूरे प्रदेश में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई थी और अब उनकी पुण्यतिथि पर उनके दिखाए विकास के मार्ग पर आगे बढ़ने का संकल्प दोहराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह का सपना प्रदेश के हर क्षेत्र और समाज के प्रत्येक वर्ग का समान विकास करना था। उनके नेतृत्व में शिक्षा, सड़क, पेयजल, सिंचाई और स्वास्थ्य जैसी आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य हुए।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में योगदान को किया याद
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि इंजीनियरिंग कॉलेजों, मेडिकल कॉलेजों और पशु औषधालयों के विस्तार में वीरभद्र सिंह का योगदान उल्लेखनीय रहा। उन्होंने विशेष रूप से आईजीएमसी के विस्तार और टांडा मेडिकल कॉलेज की स्थापना का जिक्र करते हुए कहा कि इन संस्थानों ने प्रदेश के लाखों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सरकार विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध
लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के मेडिकल, शैक्षणिक, तकनीकी और व्यावसायिक संस्थानों को और अधिक मजबूत बनाया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।
‘दलगत राजनीति से ऊपर उठकर किया प्रदेश का विकास’
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि स्वर्गीय वीरभद्र सिंह ने हमेशा दलगत राजनीति से ऊपर उठकर प्रदेश के विकास को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि उनका विकास मॉडल आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा और सरकार उनके अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
