उत्तर प्रदेश

योगी सरकार में नए मंत्रियों के दफ्तर तय, आज जारी हो सकती है आधिकारिक सूची; जानिए किस मंत्री को मिला कौन सा कार्यालय

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में हाल ही में शामिल किए गए नए मंत्रियों के लिए अब कार्यस्थल भी लगभग तय हो गए हैं। रविवार को शपथ ग्रहण के बाद शासन स्तर पर कार्यालय आवंटन की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी से लेकर राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा तक सभी मंत्रियों के लिए बापू भवन और विधान भवन में कक्ष निर्धारित कर दिए गए हैं।

जानकारी के मुताबिक मंत्री आवास समिति के अध्यक्ष और वित्त मंत्री सुरेश खन्ना की मंजूरी के बाद आज आधिकारिक सूची जारी की जा सकती है। इसके बाद सभी मंत्री अपने-अपने कार्यालयों से कामकाज शुरू करेंगे। आम लोगों की मुलाकात भी इन्हीं कार्यालयों में होगी, हालांकि इसके लिए पहले से समय लेना और पास बनवाना जरूरी होगा।

भूपेंद्र चौधरी को विधान भवन में मिला कक्ष

पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और हाल ही में कैबिनेट मंत्री बनाए गए भूपेंद्र चौधरी को विधान भवन में कक्ष संख्या 82बी आवंटित किया गया है। माना जा रहा है कि सरकार में उनकी भूमिका अहम रहने वाली है।

मनोज पांडेय को बापू भवन में कार्यालय

समाजवादी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए और अब कैबिनेट मंत्री बने मनोज पांडेय को बापू भवन के आठवें तल पर कार्यालय दिया गया है।

सोमेंद्र तोमर और अजीत सिंह पाल को भी मिला स्थान

राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार का दर्जा पाने वाले सोमेंद्र तोमर को बापू भवन के चौथे तल पर दफ्तर आवंटित किया गया है। वहीं अजीत सिंह पाल को बापू भवन के तीसरे तल पर कमरा दिया गया है।

सुरेंद्र दिलेर और हंसराज विश्वकर्मा यहां बैठेंगे

अलीगढ़ के खैर से विधायक और राज्यमंत्री सुरेंद्र दिलेर को बापू भवन के छठे तल पर कार्यालय मिला है। वहीं वाराणसी से एमएलसी और राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा को बापू भवन के तीसरे तल पर कक्ष आवंटित किया गया है।

कृष्णा पासवान को मिला एफ-34 कक्ष

फतेहपुर की खागा विधानसभा सीट से विधायक और राज्यमंत्री कृष्णा पासवान को कक्ष संख्या एफ-34 आवंटित किया गया है।

सुरेश खन्ना की मंजूरी के बाद जारी होगी सूची

कार्यालय आवंटन से जुड़ी फाइल वित्त मंत्री और मंत्री आवास समिति के अध्यक्ष सुरेश खन्ना के पास भेजी गई है। अंतिम मंजूरी मिलते ही सभी मंत्रियों को उनके कार्यालयों का औपचारिक आवंटन कर दिया जाएगा। शासन स्तर पर संभावना जताई जा रही है कि आज ही इस प्रक्रिया पर अंतिम मुहर लग सकती है।

अब विभागों के बंटवारे पर टिकी निगाहें

कार्यालय आवंटन के बाद अब सबसे ज्यादा चर्चा मंत्रियों के विभागों को लेकर हो रही है। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभागों की सूची भी लगभग तैयार कर ली है और जल्द इसकी घोषणा हो सकती है।

राजनीतिक गलियारों में इस बात पर खास नजर है कि नए मंत्रियों को कौन-कौन से अहम विभाग मिलते हैं और किन पुराने मंत्रियों के विभागों में बदलाव या कटौती की जाती है। चुनावी साल को देखते हुए विभागों का बंटवारा राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

माना जा रहा है कि किसी प्रभावशाली मंत्री के विभाग में कटौती होने पर विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश कर सकता है। वहीं नए चेहरों को मजबूत विभाग देकर सरकार आगामी चुनावी रणनीति का भी संकेत दे सकती है।