सुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में बड़ा खुलासा, यूपी-बिहार कनेक्शन के बीच तीन शार्पशूटर गिरफ्तार
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष सुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी और निजी सहायक चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। पश्चिम बंगाल पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने उत्तर प्रदेश से तीन कथित शार्पशूटरों को गिरफ्तार किया है।
जांच एजेंसियों के मुताबिक हत्या की साजिश बेहद सुनियोजित तरीके से रची गई थी और इसके तार बिहार तथा उत्तर प्रदेश के आपराधिक नेटवर्क से भी जुड़ते नजर आ रहे हैं।
UPI पेमेंट और CCTV फुटेज से खुली साजिश की परतें
पुलिस जांच में हावड़ा के बैली टोल प्लाजा पर किए गए एक यूपीआई ट्रांजैक्शन ने मामले को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई। अधिकारियों के अनुसार सिल्वर रंग की जिस कार का इस्तेमाल हत्या में किया गया था, उसमें सवार लोगों ने टोल प्लाजा पर डिजिटल भुगतान किया था।
सीसीटीवी फुटेज में कार और उसमें मौजूद संदिग्धों की तस्वीरें कैद हो गईं। इसके बाद पुलिस ने मोबाइल नंबर, लोकेशन और डिजिटल गतिविधियों को ट्रैक करते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई।
जांच एजेंसियों ने टोल रिकॉर्ड, मोबाइल टावर लोकेशन, वित्तीय लेनदेन और डिजिटल कम्युनिकेशन डेटा का गहन विश्लेषण किया।
वारदात के बाद बदली गई गाड़ियां
पुलिस जांच में सामने आया कि हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद सिल्वर कार छोड़कर लाल रंग की कार और मोटरसाइकिलों के जरिए फरार हो गए थे। मामले से जुड़ी दो मोटरसाइकिलें भी बरामद कर ली गई हैं।
अधिकारियों का मानना है कि आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए पहले से भागने का पूरा प्लान तैयार किया था।
बक्सर में छापेमारी, बिहार कनेक्शन भी सामने आया
हत्या की जांच के दौरान पश्चिम बंगाल एसटीएफ की टीम ने बिहार के बक्सर जिले में छापेमारी कर चार संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद विशाल श्रीवास्तव को छोड़ दिया गया, जबकि मयंक, विक्की मौर्य और अटल को आगे की पूछताछ के लिए पश्चिम बंगाल ले जाया गया।
बक्सर के पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने पुष्टि की कि बंगाल पुलिस ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से कार्रवाई की।
पुलिस सूत्रों के अनुसार विशाल श्रीवास्तव के खिलाफ पहले से हत्या और आर्म्स एक्ट समेत कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पूरी रात चली पूछताछ, आज कोर्ट में पेश होंगे आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कोलकाता लाया गया, जहां भवानी भवन स्थित राज्य पुलिस मुख्यालय में उनसे देर रात तक पूछताछ की गई।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या के पीछे मुख्य साजिशकर्ता कौन है और इस पूरे नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका रही।
सोमवार को आरोपियों को बारासात जिला अदालत में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस रिमांड की मांग कर सकती है।
