‘मान सरकार तुहाडे द्वार’ ने बदली सरकारी सेवाओं की तस्वीर, घर बैठे मिल रहीं 437 सुविधाएं; लंबित मामले घटकर 0.33%
चंडीगढ़: पंजाब सरकार की महत्वाकांक्षी पहल ‘भगवंत मान सरकार, तुहाडे द्वार’ राज्य में सरकारी सेवाओं की पहुंच और पारदर्शिता का नया मॉडल बनकर उभरी है। 1076 हेल्पलाइन और डोरस्टेप डिलीवरी व्यवस्था के जरिए अब नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ रही है। इस पहल के तहत अब तक 3.10 लाख से अधिक सरकारी सेवाएं लोगों के घरों तक पहुंचाई जा चुकी हैं, जबकि लंबित मामलों की दर घटकर महज 0.33 प्रतिशत रह गई है।
सरकार के अनुसार नागरिक अब 1076 हेल्पलाइन, व्हाट्सऐप, ऑनलाइन पोर्टल या सेवा केंद्रों के माध्यम से अपॉइंटमेंट बुक कर 437 सरकारी सेवाओं का लाभ घर बैठे प्राप्त कर सकते हैं। अपॉइंटमेंट तय होने के बाद प्रशिक्षित डोरस्टेप डिलीवरी ऑपरेटर सीधे नागरिकों के घर पहुंचते हैं, जरूरी दस्तावेज एकत्र करते हैं, आवेदन प्रक्रिया में सहायता करते हैं और ऑनलाइन आवेदन जमा करवाते हैं।
लाखों लोगों को मिला सीधा लाभ
इस योजना का सबसे अधिक फायदा वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले किसानों, महिलाओं और नौकरीपेशा लोगों को हुआ है। पहले इन वर्गों को छोटी-छोटी सरकारी सेवाओं के लिए समय और धन खर्च कर सरकारी कार्यालयों तक पहुंचना पड़ता था, जबकि कई मामलों में बिचौलियों पर भी निर्भर रहना पड़ता था।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक योजना शुरू होने के बाद से अब तक 4.18 लाख से अधिक अपॉइंटमेंट बुक किए जा चुके हैं। नागरिकों को प्रमाणपत्र और अन्य स्वीकृतियां एसएमएस, व्हाट्सऐप और घर पर भौतिक रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे सेवाओं की पहुंच और सुविधा दोनों में वृद्धि हुई है।
ऑनलाइन सत्यापन से बढ़ी पारदर्शिता
सरकार ने सत्यापन प्रक्रिया को भी पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब पटवारी, नंबरदार, सरपंच, नगर पार्षद और संबंधित विभागीय अधिकारी ऑनलाइन सत्यापन कर रहे हैं। इससे कागजी कार्यवाही में कमी आई है और लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं।
इस व्यवस्था ने न केवल प्रक्रिया को तेज बनाया है, बल्कि जवाबदेही और पारदर्शिता को भी मजबूत किया है। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल सत्यापन से अनावश्यक देरी और मानवीय हस्तक्षेप में कमी आई है।
‘फॉर्मलेस सेवाओं’ से प्रक्रिया हुई आसान
योजना के तहत ‘फॉर्मलेस सेवाओं’ की शुरुआत भी की गई है। इसके अंतर्गत नागरिकों को लंबे आवेदन पत्र भरने की आवश्यकता नहीं पड़ती। डोरस्टेप डिलीवरी ऑपरेटर डिजिटल माध्यम से आवश्यक जानकारी दर्ज करते हैं और सिस्टम स्वतः आवेदन तैयार कर देता है। इससे त्रुटियां कम हुई हैं और आवेदन प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल बनी है।
रियल टाइम निगरानी से बढ़ी जवाबदेही
सरकार ने सेवा वितरण की निगरानी के लिए रियल टाइम ट्रैकिंग, विभागवार डैशबोर्ड, क्षेत्रवार निगरानी और लाभार्थियों से फीडबैक लेने की व्यवस्था भी लागू की है। इससे प्रत्येक आवेदन की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और समयबद्ध सेवाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
तकनीक से मजबूत हो रहा सुशासन
पंजाब के सुशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि सरकार तकनीक के माध्यम से प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिकों के प्रति संवेदनशील बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि रियल टाइम ट्रैकिंग व्यवस्था से देरी और अनिश्चितता में कमी आई है तथा लोगों को सेवाएं समय पर मिल रही हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम नागरिकों को सामान्य सरकारी कार्यों के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। हाल ही में सरपंचों, नंबरदारों और नगर पार्षदों के माध्यम से प्रमाणपत्रों के ऑनलाइन सत्यापन की सुविधा भी इसी दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है।
सरकार का दावा है कि आवेदन प्रक्रिया के प्रत्येक चरण का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से देरी, भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका लगातार कम हो रही है, जिससे प्रशासन अधिक प्रभावी और जनकेंद्रित बनता जा रहा है।
