Gen Z के सपनों को मिलेगी नई उड़ान: यूपी में आईएएस-आईपीएस अफसर देंगे छात्रों को सफलता का ‘कैरियर मंत्र’
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के युवाओं को उज्ज्वल भविष्य, सही मार्गदर्शन और प्रतियोगी परीक्षाओं की सफलता के लिए योगी सरकार ने एक अनूठी पहल की शुरुआत की है। राज्य के इंटरमीडिएट स्तर (12वीं) के विद्यार्थियों को सही दिशा दिखाने और उनका आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए अब भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और भारतीय वन सेवा (IFS) के युवा अधिकारी सीधे कक्षाओं में जाकर छात्रों से संवाद करेंगे। यह कार्यक्रम विशेष रूप से Gen Z (आज की युवा पीढ़ी) की सोच, उनकी आकांक्षाओं और आधुनिक चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
संवाद और प्रश्नोत्तर पर रहेगा मुख्य जोर
अपर मुख्य सचिव (माध्यमिक शिक्षा) पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, यह केवल एक औपचारिक भाषण नहीं होगा, बल्कि अधिकारियों और छात्रों के बीच खुले संवाद और ‘क्वेश्चन-आंसर’ (Q&A) सेशन पर आधारित होगा।
लक्ष्य निर्धारण और समय प्रबंधन: जीवन का लक्ष्य तय करना, प्रभावी पढ़ाई के तरीके, टाइम मैनेजमेंट और आत्मानुशासन।
प्रतियोगी परीक्षाओं की गाइडेंस: यूपीएससी (UPSC), यूपीपीएससी (UPPSC), एनडीए (NDA), जेईई (JEE), नीट (NEET), सीयूईटी (CUET) और यूपीएसएसएससी (UPSSSC) जैसी राष्ट्रीय और राज्यस्तरीय परीक्षाओं की तैयारी के टिप्स।
कौशल और मानसिक स्वास्थ्य: साइबर सुरक्षा, वित्तीय साक्षरता, कम्यूनिकेशन स्किल्स, तनाव प्रबंधन (Stress Management) और नशामुक्ति पर चर्चा।
रोजगार और स्टार्टअप: उच्च शिक्षा, वोकेशनल कोर्सेस, नए ज़माने के स्टार्टअप और सरकारी योजनाओं से मिलने वाली सहायता की जानकारी।
प्रशासनिक ढांचा और मॉनिटरिंग की पूरी योजना
प्रोग्राम को धरातल पर पारदर्शी और प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सख्त प्रशासनिक व्यवस्था बनाई गई है:
जिलाधिकारी (DM): हर महीने अधिकारियों के स्कूल दौरों का एक कैलेंडर तैयार करेंगे।
जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS): स्कूलों के प्रबंधन और अधिकारियों के बीच समन्वय (Coordination) स्थापित करेंगे।
मंडलायुक्त (Divisional Commissioner): इस पूरे अभियान की प्रगति की समीक्षा करेंगे।
मासिक रिपोर्टिंग: हर महीने की 5 तारीख तक जिला स्तर से शासन को प्रगति रिपोर्ट भेजना अनिवार्य होगा।
योगी सरकार की इस दूरगामी पहल से ग्रामीण और छोटे शहरों के मेधावी छात्रों को बिना किसी कोचिंग या महंगे गाइडेंस के सीधे देश के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों से मार्गदर्शन प्राप्त करने का सीधा अवसर मिलेगा।
