गोरखपुर को 612 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात, CM योगी बोले- बंगाल में अब साकार होगा ‘सोनार बांग्ला’ का सपना
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को गोरखपुर में 612 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों का जिक्र करते हुए कहा कि अब “सोनार बांग्ला” का सपना साकार होने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल की जनता ने विकास, सुशासन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताया है।
‘बंगाल की जनता ने विकास विरोधी ताकतों को जवाब दिया’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पश्चिम बंगाल के मतदाताओं ने उन ताकतों को करारा जवाब दिया है जो विकास और सुशासन के रास्ते में बाधा बन रही थीं। उन्होंने कहा कि जनता ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार और जनउपेक्षा की राजनीति ज्यादा समय तक नहीं चल सकती।
उन्होंने कहा कि अब बंगाल में विकास और सुशासन का नया अध्याय शुरू होगा और यह जनादेश पूरे देश के लिए प्रेरणादायक साबित होगा।
612 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास
गोरखपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि तेज गति से विकास ही समृद्धि का रास्ता खोलता है। इसी सोच के साथ शहर में 612 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं को शुरू किया गया है।
इनमें 270 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला एकीकृत मंडलीय कार्यालय प्रमुख है। इस भवन में मंडल स्तर के सभी अधिकारी एक ही परिसर में बैठेंगे, जिससे आम लोगों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
आवास, स्मार्ट लाइटिंग और सौंदर्यीकरण पर जोर
परियोजनाओं में 173 करोड़ रुपये की आवासीय योजनाएं, आरसीसी नालों का निर्माण, शहर का सौंदर्यीकरण, स्मार्ट लाइटिंग और प्रवेश द्वार जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य आम नागरिकों के जीवन को आसान और सुविधाजनक बनाना है।
‘कल्याण मंडपम सामाजिक समरसता का केंद्र’
मुख्यमंत्री ने कल्याण मंडपम की चर्चा करते हुए कहा कि यह सिर्फ भवन नहीं बल्कि सामाजिक समरसता का प्रतीक है। यहां गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार बिना आर्थिक बोझ के विवाह, मुंडन और अन्य सामाजिक कार्यक्रम आयोजित कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि गोरखपुर में ऐसे नौ कल्याण मंडपम बन चुके हैं या निर्माणाधीन हैं।
‘मच्छर और माफिया’ वाली पहचान अब बदली
सीएम योगी ने कहा कि एक समय गोरखपुर की पहचान “मच्छर और माफिया” से होती थी, लेकिन आज शहर सुरक्षा, स्वच्छता और विकास के लिए जाना जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो लोग माफिया को संरक्षण देते थे, उन्होंने गोरखपुर के लोगों की छवि को नुकसान पहुंचाया था, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज गोरखपुर का युवा गर्व से अपनी पहचान बताता है और प्रदेश में बेहतर कानून व्यवस्था तथा बुनियादी ढांचे के विकास ने लोगों का आत्मविश्वास बढ़ाया है।
सड़क और कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले गोरखपुर से लखनऊ की यात्रा में 8 से 9 घंटे लगते थे, लेकिन अब यह दूरी 3 से 4 घंटे में तय हो रही है। वहीं गोरखपुर से वाराणसी का सफर भी लगभग ढाई घंटे में पूरा हो रहा है।
उन्होंने नए बाइपास, फोरलेन सड़कें और रिंग रोड को शहर के विकास की बड़ी उपलब्धि बताया।
एम्स और मेडिकल संस्थानों से बढ़े रोजगार के अवसर
सीएम योगी ने कहा कि एम्स, आयुष विश्वविद्यालय और नए मेडिकल एवं शैक्षणिक संस्थानों के खुलने से गोरखपुर में स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत हुई हैं। साथ ही युवाओं के लिए रोजगार और शिक्षा के नए अवसर भी तैयार हुए हैं।
‘अच्छी सरकार ही अच्छे परिणाम देती है’
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छी सरकार हमेशा अच्छे परिणाम देती है। उन्होंने भरोसा जताया कि विकास की यह रफ्तार आगे भी जारी रहेगी और गोरखपुर प्रदेश के अग्रणी शहरों में अपनी पहचान और मजबूत करेगा।
