देहरादून में मॉनसून के बाद चलेगा बुलडोजर, रिस्पना नदी किनारे बने 324 मकानों को हटाने की तैयारी, प्रशासन की अंतिम चेतावनी
देहरादून: उत्तराखंड में मॉनसून के बीच देहरादून प्रशासन ने रिस्पना नदी के बाढ़ क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि मॉनसून समाप्त होते ही चिन्हित 324 मकानों पर ध्वस्तीकरण अभियान चलाया जाएगा। जिन परिवारों ने अब तक मकान खाली नहीं किए हैं, उन्हें अंतिम चेतावनी नोटिस जारी कर दिया गया है।
नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडे ने बताया कि सिंचाई विभाग के सीमांकन के आधार पर बाढ़ क्षेत्र में स्थित 324 मकानों की पहचान की गई है। कार्रवाई से पहले सभी प्रभावित परिवारों को अंतिम नोटिस भेजा गया है और उन्हें एमडीडीए के किफायती आवासीय फ्लैटों में स्थानांतरित होने का आखिरी अवसर दिया जा रहा है।
पुनर्वास के बाद ही होगी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई
नगर निगम के अनुसार पात्र परिवारों को पुनर्वास योजना के तहत फ्लैट आवंटित किए जा चुके हैं। इसके बावजूद कई परिवार अभी तक नए आवासों में स्थानांतरित नहीं हुए हैं। प्रशासन का कहना है कि पुनर्वास प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नियमानुसार ध्वस्तीकरण अभियान शुरू किया जाएगा।
सरकारी भवनों पर भी हुई कार्रवाई
नगर आयुक्त ने बताया कि बाढ़ क्षेत्र में बने सरकारी ढांचों पर भी कार्रवाई जारी है। अब तक एक स्कूल, एक पंचायत भवन और एक ट्यूबवेल सहित तीन सरकारी संरचनाओं को हटाया जा चुका है। यदि नए सर्वेक्षण में अन्य मकान भी बाढ़ क्षेत्र में पाए जाते हैं, तो उनका पुनर्वास सुनिश्चित करने के बाद ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
बारिश से दून और मसूरी में बढ़ीं मुश्किलें
मंगलवार सुबह देहरादून और मसूरी के कई इलाकों में करीब एक घंटे तक हुई तेज बारिश से जनजीवन प्रभावित रहा। स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों, अभिभावकों, वाहन चालकों और राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। देर शाम हुई बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति भी बन गई।
डीएल रोड, राजपुर रोड और ओल्ड सर्वे रोड समेत कई इलाकों में सड़कों पर पानी भरने से विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों को दिक्कत हुई। जिन स्थानों पर भूमिगत बिजली केबल बिछाने के लिए सड़कें खोदी गई हैं, वहां स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण रही।
आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा गया
नगर आयुक्त ने आपदा नियंत्रण कक्ष में तैनात क्विक रिस्पॉन्स टीमों को पूरी तरह सतर्क रहने और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं, ताकि भारी बारिश के दौरान किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
