राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच बड़ा फैसला! CM योगी के कार्यक्रम से दूर रहेंगे ट्रस्ट महासचिव चंपतराय
अयोध्या: राम मंदिर में चढ़ावे की धनराशि में कथित गड़बड़ी की जांच के बीच एक बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित अयोध्या दौरे के दौरान श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय को राम मंदिर कार्यक्रम से दूर रहने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन की ओर से जारी व्यवस्था पत्र में उनसे अपना प्रतिनिधि नामित करने को कहा गया है।
सूत्रों के अनुसार यह निर्णय राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की जांच और उससे जुड़े हालात को देखते हुए लिया गया है। माना जा रहा है कि शासन स्तर से मिले निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने यह कदम उठाया है।
जिलाधिकारी के पत्र में दिया गया विशेष निर्देश
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर जारी प्रशासनिक निर्देशों में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि मुख्यमंत्री राम मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं तो ट्रस्ट महासचिव चंपतराय स्वयं उपस्थित न होकर अपने किसी प्रतिनिधि को नामित करें और इसकी सूचना मंदिर मजिस्ट्रेट को उपलब्ध कराएं।
हालांकि प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक समाचार लिखे जाने तक किसी प्रतिनिधि का नाम औपचारिक रूप से तय नहीं किया गया था।
चढ़ावा गबन मामले की जांच के बीच आया फैसला
राम मंदिर परिसर में स्थापित दानपात्रों की धनराशि में कथित गबन का मामला सामने आने के बाद विशेष जांच दल (एसआईटी) जांच में जुटी हुई है। मामले में कई संदिग्ध नामों की चर्चा सामने आई है, जिनमें कुछ ऐसे लोग भी बताए जा रहे हैं जो ट्रस्ट से जुड़े रहे हैं।
जांच के दौरान चंपतराय और मंदिर प्रशासन से जुड़े अन्य जिम्मेदार पदाधिकारियों से भी जानकारी जुटाई गई है। इसी बीच मुख्यमंत्री का अयोध्या दौरा प्रस्तावित होने से इस फैसले को विशेष महत्व माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री का व्यस्त रहेगा कार्यक्रम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को पहले रुदौली क्षेत्र पहुंचेंगे, जहां विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के साथ विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इसके बाद उनका अयोध्या आगमन प्रस्तावित है।
अयोध्या में मुख्यमंत्री सबसे पहले हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन करेंगे और उसके बाद रामलला के दर्शन के लिए राम मंदिर पहुंचेंगे। इसके अलावा वे अन्य निर्धारित कार्यक्रमों में भी शामिल होंगे।
प्रशासन नहीं चाहता कोई विवादित स्थिति
प्रशासनिक सूत्रों का मानना है कि मुख्यमंत्री के मंदिर दर्शन के दौरान किसी भी प्रकार की विवादित या असहज स्थिति से बचने के लिए यह व्यवस्था बनाई गई है। चूंकि चढ़ावा प्रकरण की जांच जारी है, इसलिए प्रशासन ने कार्यक्रम को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती है।
फिलहाल चंपतराय की ओर से इस संबंध में कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक और धार्मिक हलकों की नजर बनी हुई है।
