राजस्थान निकाय चुनाव से पहले बड़ा बदलाव: अंतिम मतदाता सूची जारी, लाखों नाम कटे—नए वोटर्स की एंट्री से बदलेगा चुनावी गणित
जयपुर। राजस्थान में आगामी नगरीय निकाय चुनावों की तैयारियों के बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी है, जिसने चुनावी समीकरणों को नई दिशा दे दी है। व्यापक शुद्धिकरण प्रक्रिया के बाद जारी इस सूची में बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं, जिसके चलते कुल मतदाताओं की संख्या घटकर लगभग 1.10 करोड़ रह गई है। वहीं, नए मतदाताओं के जुड़ने से चुनावी मुकाबले और दिलचस्प होने के संकेत मिल रहे हैं।
शुद्धिकरण में हटे लाखों नाम, कुल मतदाता संख्या में गिरावट
आंकड़ों के अनुसार, 20 फरवरी 2026 को जारी प्रारंभिक सूची में जहां मतदाताओं की संख्या 1.13 करोड़ से अधिक थी, वहीं अंतिम सूची में यह घटकर 1,10,07,876 रह गई है। इस दौरान 2.27 लाख नए मतदाता जोड़े गए, जबकि 5.49 लाख नाम सूची से हटाए गए। कुल मिलाकर 3,22,037 मतदाता सूची से बाहर हुए हैं। आयोग के मुताबिक यह कार्रवाई मृत, स्थानांतरित और डुप्लिकेट नामों को हटाने के तहत की गई है।
195 शहरी निकायों के लिए साफ हुई चुनावी तस्वीर
राज्य के 195 नगरीय निकायों के लिए जारी इस सूची ने चुनावी तस्वीर को काफी हद तक स्पष्ट कर दिया है। अब राजनीतिक दल मतदाता संख्या के आधार पर अपनी रणनीतियां तैयार कर रहे हैं और बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ा दी गई है।
जयपुर में 24 लाख से ज्यादा मतदाता, मुकाबला रहेगा कड़ा
राजधानी जयपुर में नगर निगम क्षेत्र के तहत 24,18,272 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। यह आंकड़ा बताता है कि यहां चुनावी मुकाबला बेहद अहम और कड़ा रहने वाला है, जहां सभी प्रमुख दल पूरी ताकत झोंकेंगे।
महिला मतदाताओं की मजबूत भागीदारी, ट्रांसजेंडर वोटर्स भी शामिल
जयपुर की मतदाता सूची के अनुसार, पुरुष मतदाताओं की संख्या 12,56,325 है, जबकि महिला मतदाता 11,61,856 हैं। इसके अलावा 91 ट्रांसजेंडर मतदाता भी सूची में शामिल हैं, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी भागीदारी निभाएंगे।
150 वार्डों में चुनाव, मतदाता संख्या में बड़ा अंतर
जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में चुनाव होंगे। वार्डवार आंकड़ों में काफी अंतर देखने को मिला है, जो चुनावी परिणामों को प्रभावित कर सकता है। वार्ड संख्या 26 सबसे बड़ा वार्ड है, जहां 30,103 मतदाता हैं, जबकि वार्ड 93 सबसे छोटा है, जहां केवल 4,810 मतदाता पंजीकृत हैं।
कई वार्डों में 20 हजार से ज्यादा, कुछ में 10 हजार से कम वोटर्स
आंकड़ों के अनुसार 29 वार्ड ऐसे हैं जहां मतदाताओं की संख्या 20 हजार से अधिक है। वहीं 8 वार्ड—30, 31, 93, 102, 121, 131, 144 और 150—में मतदाता संख्या 10 हजार से भी कम है, जिससे स्थानीय स्तर पर चुनावी समीकरण बदल सकते हैं।
चुनाव से पहले तेज हुई राजनीतिक हलचल
अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद अब राज्य में चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं। राजनीतिक दल उम्मीदवार चयन और प्रचार रणनीति को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं। मतदाता सूची में हुए बदलावों का असर खासतौर पर उन क्षेत्रों में देखने को मिलेगा जहां बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं या नए मतदाता जुड़े हैं।
युवाओं की बढ़ेगी भागीदारी, बदलेगा चुनावी ट्रेंड
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार मतदाता सूची का शुद्धिकरण अधिक सख्ती से किया गया है, जिससे वास्तविक मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित हुई है। नए मतदाताओं के जुड़ने से युवाओं की भागीदारी बढ़ेगी, जो चुनावी ट्रेंड को प्रभावित कर सकती है।
कुल मिलाकर, राजस्थान नगरीय निकाय चुनाव से पहले जारी यह अंतिम मतदाता सूची राजनीतिक दलों के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम साबित होने वाली है और आने वाले चुनावों की दिशा तय करेगी।
