35 करोड़ कैश कांड में तेज हुई कार्रवाई, पूर्व मंत्री आलमगीर आलम समेत आरोपियों पर डे-टू-डे ट्रायल शुरू; सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सुनवाई में तेजी
रांची। झारखंड के चर्चित 35 करोड़ रुपये के कैश कांड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अब न्यायिक प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। पूर्व मंत्री आलमगीर आलम समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद मामले की डे-टू-डे सुनवाई शुरू कर दी गई है। 21 अप्रैल से जारी इस सुनवाई में अभियोजन पक्ष अपने गवाहों के बयान दर्ज करा रहा है और अहम साक्ष्यों को रिकॉर्ड पर लाया जा रहा है।
गवाहों के बयान दर्ज, अहम दस्तावेजों की पहचान कराई जा रही
सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जब्त किए गए कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की पहचान कराई जा रही है। इनमें एग्रीमेंट, बैंक खातों के स्टेटमेंट, रजिस्ट्री डीड सहित अन्य वित्तीय दस्तावेज शामिल हैं। अभियोजन पक्ष इन साक्ष्यों के जरिए कथित मनी लॉन्ड्रिंग के नेटवर्क को स्थापित करने में जुटा है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हो रहे आरोपी
मामले में जेल में बंद पूर्व मंत्री आलमगीर आलम, संजीव लाल और जहांगीर आलम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया जा रहा है। वहीं अन्य आरोपियों की ओर से उनके अधिवक्ता अदालत में उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।
ईडी की छापेमारी में सामने आया था 35 करोड़ कैश
यह मामला उस समय सुर्खियों में आया था जब ईडी की छापेमारी के दौरान करीब 35 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए थे। जांच एजेंसी का आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया में कमीशनखोरी के जरिए अवैध धन अर्जित कर उसे विभिन्न माध्यमों से ठिकाने लगाया गया। इस मामले में 15 मई 2024 को पूछताछ के बाद आलमगीर आलम को गिरफ्तार किया गया था, तब से वह न्यायिक हिरासत में हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने जमानत से किया इनकार, गवाहों की जांच के दिए निर्देश
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में आलमगीर आलम और संजीव लाल की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान राहत देने से इनकार कर दिया गया। साथ ही जांच एजेंसी को निर्देश दिया गया कि चार सप्ताह के भीतर महत्वपूर्ण गवाहों की जांच पूरी की जाए। इसी आदेश के अनुपालन में अब मामले की सुनवाई को तेज कर दिया गया है।
अन्य आरोपी भी ट्रायल फेस कर रहे, मामला बना बड़ा घोटाला
इस मामले में ग्रामीण विकास विभाग के चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम समेत कई अन्य आरोपी भी ट्रायल का सामना कर रहे हैं। अदालत में लगातार हो रही सुनवाई के चलते यह मामला अब निर्णायक मोड़ की ओर बढ़ता नजर आ रहा है।
