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Air India का बड़ा दांव! अब सस्ती मिलेगी फ्लाइट टिकट, मुफ्त खाने की अनिवार्यता खत्म; यात्रियों को मिलेगा नया विकल्प

नई दिल्ली: एयर इंडिया ने घरेलू हवाई यात्रियों के लिए बड़ा बदलाव करते हुए नया ‘बेसिक फेयर’ विकल्प लॉन्च किया है। इस नई व्यवस्था के तहत यात्रियों को अब टिकट के साथ अनिवार्य रूप से मुफ्त भोजन नहीं मिलेगा। इससे वे लोग कम किराए पर टिकट बुक कर सकेंगे, जिन्हें उड़ान के दौरान भोजन की आवश्यकता नहीं होती।

एयरलाइन का यह कदम भारतीय विमानन बाजार में बदलती प्रतिस्पर्धा और यात्रियों की पसंद को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। माना जा रहा है कि इससे एयर इंडिया भी कम लागत वाले यात्रा मॉडल की दिशा में आगे बढ़ रही है।

अब सिर्फ सफर का किराया, खाने का फैसला यात्री का

नई व्यवस्था के तहत ‘बेसिक फेयर’ चुनने वाले यात्रियों को केवल यात्रा और सीट के लिए भुगतान करना होगा। उड़ान के दौरान भोजन लेना या न लेना पूरी तरह उनकी पसंद पर निर्भर रहेगा। इससे उन यात्रियों को फायदा मिल सकता है जो कम खर्च में यात्रा करना चाहते हैं।

एयर इंडिया ने स्पष्ट किया है कि यह विकल्प पूरी तरह वैकल्पिक होगा और यात्रियों के पास पहले की तरह अन्य किराया श्रेणियों में टिकट बुक करने का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा।

पुरानी सुविधाएं रहेंगी जारी

एयरलाइन ने बताया कि मौजूदा वैल्यू, क्लासिक और फ्लेक्स किराया श्रेणियां पहले की तरह जारी रहेंगी। इन श्रेणियों में यात्रियों को मुफ्त भोजन के साथ अन्य अतिरिक्त सुविधाएं भी मिलती रहेंगी।

किराए की श्रेणी बढ़ने के साथ यात्रियों को अधिक सुविधाएं और अतिरिक्त लाभ भी उपलब्ध होते रहेंगे। इसलिए जो यात्री पूर्ण सेवाओं वाली यात्रा पसंद करते हैं, उनके लिए मौजूदा विकल्पों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

फिलहाल चुनिंदा घरेलू रूटों पर होगा परीक्षण

एयर इंडिया ने बताया कि ‘बेसिक फेयर’ को अभी पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चुनिंदा घरेलू मार्गों पर शुरू किया गया है। इस दौरान यात्रियों की प्रतिक्रिया और मांग का आकलन किया जाएगा।

कंपनी का कहना है कि यह विकल्प खासतौर पर उन यात्रियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है जो कम कीमत को प्राथमिकता देते हैं और अतिरिक्त सुविधाओं के बजाय केवल यात्रा सेवा चाहते हैं।

बजट एयरलाइंस को टक्कर देने की तैयारी

विमानन क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि यह कदम एयर इंडिया की रणनीति में बड़े बदलाव का संकेत है। इससे एयरलाइन को उन यात्रियों तक पहुंचने में मदद मिलेगी जो किराए को सबसे बड़ा आधार मानकर टिकट बुक करते हैं।

यदि पायलट परियोजना सफल रहती है तो भविष्य में एयर इंडिया इस मॉडल का विस्तार अन्य घरेलू मार्गों पर भी कर सकती है। इससे यात्रियों को अधिक विकल्प मिलने के साथ विमानन बाजार में प्रतिस्पर्धा भी बढ़ने की संभावना है।