झारखंड

झारखंड में भीषण गर्मी के बाद मौसम ने ली करवट, 4 दिनों तक ओलावृष्टि और वज्रपात का अलर्ट; कई जिलों में बारिश की चेतावनी

झारखंड में भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को आखिरकार राहत मिली है। मंगलवार को राज्य के कई जिलों में तेज हवा, गरज-चमक और बारिश की बौछारों ने मौसम का मिजाज बदल दिया। इस बदलाव के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों ने राहत की सांस ली। मौसम विभाग ने आने वाले चार दिनों तक राज्य में आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है।

कई जिलों में अगले 24 घंटे में ओलावृष्टि का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में रांची, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, धनबाद समेत 15 जिलों में तेज हवा और गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि की संभावना है। वहीं बाकी जिलों में भी तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। आने वाले चार दिनों में रांची सहित संताल और पश्चिम बंगाल से सटे इलाकों में मौसम अधिक सक्रिय रहने का अनुमान है।

सरायकेला-खरसावां रहा सबसे गर्म, रांची में तापमान में गिरावट
मंगलवार को राज्य में सरायकेला-खरसावां सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 41.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम बदलने के बाद रांची समेत कई जिलों में अधिकतम तापमान में 1 से 3 डिग्री तक की गिरावट आई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से थोड़ी राहत मिली।

कई जिलों में हल्की बारिश, धनबाद में सबसे अधिक वर्षा
पिछले 24 घंटों के दौरान रांची, धनबाद, मेदिनीनगर, बोकारो, गुमला और खूंटी समेत कई जिलों में हल्की बारिश हुई। रांची में सुबह करीब 7 बजे घने बादल छाने के बाद तेज हवा और गरज के साथ बारिश शुरू हुई, जहां लगभग 2 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं सबसे अधिक वर्षा धनबाद में 4.8 मिमी रिकॉर्ड की गई।

तापमान में हल्की गिरावट, लेकिन अब भी सामान्य से अधिक गर्मी
मौसम में बदलाव के बावजूद राज्य के न्यूनतम और अधिकतम तापमान अब भी सामान्य से अधिक बने हुए हैं। जमशेदपुर में न्यूनतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि बोकारो में 26.1 और मेदिनीनगर में 25.8 डिग्री रहा। रांची का न्यूनतम तापमान 25.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।

मौसम सिस्टम हुआ और मजबूत, ट्रफ लाइन से बदला मौसम
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार देश में सक्रिय मौसमीय सिस्टम और मजबूत हो गया है। हरियाणा से लेकर मणिपुर तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है, जो पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, बंगाल और बांग्लादेश होते हुए मणिपुर तक फैली हुई है। इसी सिस्टम के कारण झारखंड समेत कई राज्यों में आंधी-बारिश और वज्रपात की स्थिति बनी हुई है।