झारखंड

झारखंड विधानसभा के 750 मीटर दायरे में 7 दिन तक धारा 163 लागू, ‘विधानसभा घेराव’ के ऐलान के बाद प्रशासन सख्त

रांची: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले रांची प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। यह आदेश 6 अगस्त सुबह 8 बजे से 12 अगस्त रात 10 बजे तक प्रभावी रहेगा। इस अवधि में पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस निकालने, मार्च करने और प्रदर्शन करने पर रोक रहेगी।

यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब कई छात्र संगठनों ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में 7 और 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का ऐलान किया है।

विधानसभा सत्र के बीच सुरक्षा बढ़ाने का फैसला

रांची प्रशासन के अनुसार, छठी झारखंड विधानसभा का छठा मानसून सत्र 6 अगस्त से 12 अगस्त तक आयोजित किया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से सदर, रांची के उप-मंडलीय दंडाधिकारी ने बीएनएस की धारा 163 के तहत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू की है। हालांकि, इस प्रतिबंध के दायरे में झारखंड हाईकोर्ट का क्षेत्र शामिल नहीं किया गया है।

इन गतिविधियों पर रहेगी पूरी तरह रोक

प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार, निषेधाज्ञा की अवधि में पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा बंदूक, राइफल, रिवॉल्वर, बम, बारूद, लाठी, धनुष-बाण या अन्य किसी प्रकार के हथियार लेकर चलने की अनुमति नहीं होगी।

साथ ही किसी भी प्रकार का धरना, प्रदर्शन, जुलूस, रैली या सार्वजनिक सभा आयोजित करने पर रोक रहेगी। ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।

छात्र संगठनों के ऐलान के बाद बढ़ी सतर्कता

छात्र संगठन जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने 7 और 10 अगस्त को विधानसभा घेराव की घोषणा की है। प्रशासन ने संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए मानसून सत्र के दौरान एहतियातन निषेधाज्ञा लागू करने का फैसला लिया है।