बांदीपोरा में बादल फटने से मचा हड़कंप! गांव में घुसा पानी और मलबा, बाढ़ जैसे हालात से सहमे लोग
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले में बादल फटने की घटना के बाद हालात अचानक बिगड़ गए हैं। गुरेज क्षेत्र की तुलैल घाटी में हुई इस प्राकृतिक आपदा से बाढ़ जैसे हालात बन गए, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई। तेज बहाव के साथ पानी और मलबा आबादी वाले इलाकों में घुस गया, जिसके चलते कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा।
घटना सोमवार शाम की बताई जा रही है, जब इलाके में अचानक बादल फटने के बाद भारी मात्रा में पानी और मलबा नीचे की ओर बहने लगा। देखते ही देखते गांव के कई हिस्से इसकी चपेट में आ गए और जनजीवन प्रभावित हो गया।
घर और खेत पानी की चपेट में आए
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, बादल फटने के बाद कई रिहायशी मकानों में पानी भर गया। इसके साथ ही बड़ी मात्रा में मलबा भी गांव में पहुंचा, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कृषि भूमि भी इस आपदा से प्रभावित हुई है। कई खेत जलमग्न हो गए, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर इतनी तेजी से बढ़ा कि संभलने का मौका तक नहीं मिला।
जलस्तर बढ़ने से लोगों में दहशत
अचानक आई इस आपदा से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पानी का बहाव तेज होने और मलबा गांव में पहुंचने के बाद लोगों ने एहतियातन सुरक्षित स्थानों की ओर रुख किया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, घटना के दौरान स्थिति बेहद भयावह थी और कई परिवारों ने रात सुरक्षित स्थानों पर बिताई।
प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू किया
प्रशासनिक अधिकारियों ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रभावित क्षेत्र में रिहायशी संपत्तियों और कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है। राजस्व और अन्य संबंधित विभागों की टीमें नुकसान का आकलन करने में जुटी हुई हैं।
अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ा खतरा
मौसम में अचानक बदलाव और लगातार हो रही वर्षा के बीच पहाड़ी इलाकों में इस तरह की घटनाओं का जोखिम बढ़ जाता है। बादल फटने की घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और नदी-नालों के आसपास अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है।
