मिशन वात्सल्य भर्ती पर हाई कोर्ट की बड़ी रोक! बिहार सरकार से मांगा जवाब, संविदा नियुक्तियों पर उठे सवाल
पटना: मिशन वात्सल्य योजना के तहत संविदा आधारित नियुक्तियों को लेकर जारी भर्ती प्रक्रिया को पटना हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने विज्ञापन में शामिल एक विवादित शर्त के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगाते हुए बिहार सरकार से चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। इस आदेश के बाद भर्ती प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारियों और अभ्यर्थियों के बीच हलचल बढ़ गई है।
मामले की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट की एकलपीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह निर्धारित अवधि के भीतर अपना पक्ष हलफनामे के जरिए अदालत के समक्ष प्रस्तुत करे। अदालत ने प्रथम दृष्टया मामले को गंभीर मानते हुए यह अंतरिम राहत प्रदान की है।
भर्ती विज्ञापन की एक शर्त बनी विवाद की वजह
विवाद समाज कल्याण विभाग द्वारा 29 अप्रैल 2026 को जारी उस विज्ञापन से जुड़ा है, जिसके तहत मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत विभिन्न देखरेख संस्थानों में 273 पदों पर संविदा आधारित नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
याचिका में विज्ञापन की शर्त संख्या-7 को चुनौती दी गई है। इस शर्त के अनुसार, स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से चयनित होकर वर्तमान में जिला बाल संरक्षण इकाइयों द्वारा संचालित गृहों में कार्यरत कर्मियों को सरकारी नियोजित कर्मचारी नहीं माना गया और उनके पदों को रिक्त श्रेणी में शामिल कर दिया गया।
वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों पर मंडरा रहा था खतरा
याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में दलील दी गई कि यदि विवादित शर्त लागू होती है तो लंबे समय से कार्यरत कई कर्मचारियों की सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। उनके स्थान पर नई नियुक्तियां किए जाने की संभावना बन जाएगी।
अदालत को बताया गया कि कई कर्मचारी पहले स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा संचालित बालक एवं बालिका गृहों में नियुक्त हुए थे। बाद में इन संस्थानों का संचालन जिला बाल संरक्षण इकाइयों के अधीन आ गया, लेकिन नई भर्ती प्रक्रिया में उनके पदों को भी रिक्त मानकर बहाली शुरू कर दी गई।
सरकार को चार सप्ताह में देना होगा जवाब
दोनों पक्षों की प्रारंभिक दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने विवादित शर्त संख्या-7 के अमल पर फिलहाल रोक लगा दी। साथ ही राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।
अदालत ने स्पष्ट किया है कि सरकार का पक्ष आने के बाद मामले की अगली सुनवाई की जाएगी और उसी आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।
भर्ती प्रक्रिया पर बढ़ी कानूनी निगरानी
हाई कोर्ट के इस आदेश के बाद मिशन वात्सल्य योजना के तहत चल रही नियुक्ति प्रक्रिया पर कानूनी निगरानी बढ़ गई है। अब सभी की नजर सरकार के जवाब और आगामी सुनवाई पर टिकी है, क्योंकि अदालत का अंतिम फैसला भर्ती प्रक्रिया और वर्तमान कर्मचारियों के भविष्य पर असर डाल सकता है।
