बिहार में 55 दिन पुरानी राजस्व अधिकारियों की हड़ताल खत्म: सीओ-आरओ 4 मई से लौटेंगे काम पर, सरकार से बनी सहमत
बिहार में लंबे समय से चल रही अंचलाधिकारियों और राजस्व पदाधिकारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल आखिरकार समाप्त हो गई है। सरकार और राजस्व अधिकारियों के बीच वार्ता के बाद सहमति बनने से सीओ, आरओ समेत सभी हड़ताली पदाधिकारियों ने काम पर लौटने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही अंचलों में ठप पड़े राजस्व कार्यों के फिर से पटरी पर आने की उम्मीद जताई जा रही है।
सरकार से वार्ता के बाद खत्म हुआ आंदोलन
बिहार संयुक्त राजस्व सेवा महासंघ ने गुरुवार को आधिकारिक रूप से सामूहिक अवकाश समाप्त करने की घोषणा की। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार ने उनकी मांगों पर विचार का आश्वासन दिया है, जिसके बाद यह फैसला लिया गया। अब सभी अधिकारी 4 मई से अपने-अपने कार्यस्थलों पर योगदान देंगे।
9 मार्च से हड़ताल पर थे सीओ-आरओ
राज्य भर के अंचलाधिकारी और राजस्व पदाधिकारी 9 मार्च से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश पर चले गए थे। इस दौरान सरकार की ओर से कई बार काम पर लौटने की अपील की गई, वहीं तत्कालीन विभागीय मंत्री सह डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने सैलरी रोकने, निलंबन और अनुशासनात्मक कार्रवाई तक की चेतावनी दी थी।
इसके बावजूद बड़ी संख्या में अधिकारी अपनी मांगों पर डटे रहे, जिससे अंचलों में जमीन से जुड़े काम पूरी तरह प्रभावित हो गए थे।
सरकारी कार्रवाई और बढ़ता दबाव
हड़ताल के दौरान सरकार ने कई अधिकारियों पर कार्रवाई करते हुए निलंबन भी किया। वहीं प्रशासनिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए अन्य अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया, जिससे कार्यभार काफी बढ़ गया था। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सरकार और अधिकारियों के बीच तनाव लगातार बढ़ता गया।
जनगणना कार्य पर भी पड़ा असर
बिहार में 2027 की जनगणना की तैयारियां भी इस हड़ताल से प्रभावित हुईं। फिलहाल स्व-गणना की प्रक्रिया चल रही है, जबकि 2 मई से घर-घर जाकर गणना का कार्य शुरू होना है। ऐसे में राजस्व विभाग के नोडल भूमिका में होने के कारण हड़ताल ने इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को भी प्रभावित किया था।
सरकारी फेरबदल भी रहा चर्चा में
दो दिन पहले राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के तत्कालीन प्रधान सचिव सीके अनिल को पद से हटाकर बिहार राज्य योजना पर्षद में परामर्शी नियुक्त किया गया था। उनकी जगह सचिव जय सिंह को विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया। माना जा रहा है कि यह प्रशासनिक बदलाव भी हड़ताल से जुड़े तनाव के बीच अहम भूमिका में रहा।
अब राहत की उम्मीद, कामकाज सामान्य होने की संभावना
हड़ताल खत्म होने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि अंचलों में रुके हुए जमीन से जुड़े सभी काम जल्द सामान्य हो जाएंगे। आम जनता को भी इससे बड़ी राहत मिलने की संभावना है, क्योंकि कई जरूरी सेवाएं पिछले 55 दिनों से प्रभावित थीं।
