यमुना एक्सप्रेसवे पर फिल्म सिटी के लिए बनेगी सीधी कनेक्टिविटी: भाईपुर के पास दो नए रैंप जल्द शुरू, टोल प्लाजा को लेकर बना संशय
यमुना एक्सप्रेसवे से जेवर एयरपोर्ट के पास प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय फिल्म सिटी तक सीधी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए बड़े स्तर पर कनेक्टिविटी तैयार की जा रही है। इसके तहत एक्सप्रेसवे पर दोनों ओर दो नए रैंप बनाए जाएंगे, जिनका निर्माण कार्य मई से शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। भूमि विवाद सुलझने के बाद अब इस परियोजना ने गति पकड़ ली है।
भूमि विवाद सुलझा, मुआवजा वितरण शुरू
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने रैंप निर्माण के रास्ते में आ रही भूमि संबंधी अड़चनों को किसानों से वार्ता के जरिए दूर कर लिया है। प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। प्राधिकरण के अनुसार सेक्टर-21 में लगभग एक हजार एकड़ क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय फिल्म सिटी विकसित की जानी है, जिसका पहला चरण 230 एकड़ में तैयार होगा। इसके शिलान्यास की तैयारियां भी चल रही हैं।
21 किलोमीटर प्वाइंट पर बनेंगे रैंप, आवागमन होगा आसान
फिल्म सिटी को यमुना एक्सप्रेसवे से सीधे जोड़ने के लिए जीरो पॉइंट से 21 किलोमीटर की दूरी पर दोनों ओर रैंप बनाने का निर्णय लिया गया है। प्रस्तावित रैंप लगभग 480 मीटर लंबे और 11 मीटर चौड़े होंगे। ये रैंप तीन-तीन लेन के होंगे, जिससे यातायात सुगम रहेगा।
भाईपुर इंटरचेंज से मिलेगी बड़ी राहत
दोनों रैंप भाईपुर गांव के पास बनाए जाएंगे, जहां पहले से अंडरपास मौजूद है। ऐसे में वाहनों को एक्सप्रेसवे से उतरने और चढ़ने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। यहां इंटरचेंज बनने से फिल्म सिटी तक पहुंचने वाले लोगों के लिए आवागमन काफी आसान हो जाएगा।
टेंडर के बाद भी रुका था काम, अब जल्द शुरू होने की उम्मीद
रैंप निर्माण के लिए फरवरी 2025 में टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन भूमि विवाद के चलते काम आगे नहीं बढ़ सका। अब विवाद खत्म होने के बाद प्राधिकरण ने जल्द निर्माण कार्य शुरू होने का दावा किया है।
टोल प्लाजा को लेकर बढ़ी चिंता, जाम का भी खतरा
हालांकि रैंप निर्माण के साथ ही टोल प्लाजा को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। यमुना एक्सप्रेसवे पर पहले से कई रैंप पर टोल प्लाजा बनाए गए हैं, जिनमें 11, 12, 15, 16, 26 और 36 किलोमीटर प्वाइंट शामिल हैं। फिल्म सिटी के लिए प्रस्तावित रैंप पर भी टोल लगाने की बात सामने आ रही है, जिसे लेकर उद्यमियों और स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है।
उद्यमियों का कहना है कि यदि यहां भी टोल प्लाजा बनाया गया, तो न सिर्फ लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा बल्कि भविष्य में जाम की समस्या भी बढ़ सकती है। फिलहाल यमुना सिटी में आने-जाने के लिए एक्सप्रेसवे ही मुख्य रास्ता है, ऐसे में टोल व्यवस्था को लेकर असमंजस बना हुआ है।
प्राधिकरण बोला—टोल न लगाने पर जारी है बातचीत
यीडा के महाप्रबंधक परियोजना राजेंद्र भाटी ने बताया कि रैंप निर्माण का काम भूमि विवाद के कारण रुका हुआ था, लेकिन अब मुआवजा वितरण शुरू हो चुका है और जल्द निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रस्तावित रैंप पर टोल न लगाने को लेकर प्रबंधन से बातचीत जारी है।
