उत्तराखंड में महिला आरक्षण पर सियासी संग्राम तेज, सीएम धामी ने कविता से साधा विपक्ष पर निशाना; मदरसा बोर्ड पर भी दिया जवाब
उत्तराखंड में महिला आरक्षण के मुद्दे पर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। देहरादून में कांग्रेस के आक्रोश मार्च और बीजेपी की मशाल यात्रा ने राजनीतिक माहौल को और अधिक गर्म कर दिया। इस बीच विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नारी शक्ति विधेयक को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कविता के जरिए जवाब दिया।
सीएम धामी ने कविता से किया विपक्ष पर प्रहार
विधानसभा में मुख्यमंत्री धामी ने नारी शक्ति विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष को कविता के माध्यम से निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, “नारी का अधिकार छीन तुम, इतना न अभिमान करो… बदली है अब युगधारा, उसका तो सम्मान करो…”। सीएम ने आगे कहा कि नारी शक्ति का सम्मान अब अनिवार्य है और यह परिवर्तन समय की मांग है।
मदरसा बोर्ड भंग पर सीएम का स्पष्ट जवाब
मदरसा बोर्ड भंग किए जाने पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए सीएम धामी ने सदन में कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में न कोई अल्पसंख्यक है और न कोई बहुसंख्यक। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सभी बच्चों को समान और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि किसी को भी शिक्षा के नाम पर विभाजित न किया जाए।
सरकार का दावा—सद्भाव और समान शिक्षा पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में सभी समुदाय प्रेम और सद्भाव के साथ रहते हैं और सरकार शिक्षा को जोड़ने का काम कर रही है, न कि बांटने का। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का फोकस आधुनिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर है।
बीजेपी की मशाल यात्रा, महिलाओं के समर्थन में शक्ति प्रदर्शन
इस मुद्दे पर बीजेपी ने देहरादून में मशाल यात्रा निकालकर महिला शक्ति के समर्थन में राजनीतिक ताकत दिखाई। पार्टी ने संदेश दिया कि वह महिला अधिकारों और आरक्षण के मुद्दे पर पूरी मजबूती के साथ खड़ी है और किसी भी बाधा का जवाब देने के लिए तैयार है।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य का बयान, महिला आरक्षण को बताया हक
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि महिला आरक्षण अब मांग नहीं बल्कि अधिकार है, जिसे हर हाल में लागू किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि सरकार महिला सशक्तीकरण के लिए लगातार काम कर रही है।
कांग्रेस का आरोप—सरकार टाल रही है अधिकार लागू करना
वहीं कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर महिला आरक्षण को लागू करने में देरी का आरोप लगाया। पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि महिलाओं को संवैधानिक अधिकार देने में टालमटोल लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कानून बन चुका है तो उसे लागू करने में देरी क्यों की जा रही है।
कांग्रेस ने जारी रखा संघर्ष का ऐलान
कांग्रेस नेत्री ज्योति रौतेला ने कहा कि 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित होने के बावजूद अभी तक 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू नहीं हुआ है, जो सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि जब तक महिलाओं को उनका अधिकार नहीं मिलेगा, कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।
