गंगा एक्सप्रेसवे बनेगा यूपी की नई कनेक्टिविटी लाइफलाइन, कन्नौज–इटावा–फर्रुखाबाद तक विस्तार के साथ हरिद्वार तक जुड़ेगा पूरा नेटवर्क
उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विस्तार को नई रफ्तार देते हुए गंगा एक्सप्रेस-वे को और व्यापक नेटवर्क से जोड़ने की बड़ी योजना तैयार कर ली गई है। करीब 92 किलोमीटर लंबे सिक्सलेन फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेस-वे के जरिए इसे प्रदेश के तीन प्रमुख एक्सप्रेस-वे से जोड़ा जाएगा। इस पूरी परियोजना के तहत कन्नौज, इटावा, मैनपुरी, फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर और हरदोई जैसे जिलों को सीधा लाभ मिलेगा और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
तीन एक्सप्रेस-वे से होगा सीधा जुड़ाव
इस लिंक एक्सप्रेस-वे की कनेक्टिविटी हरदोई के सवायजपुर में गंगा एक्सप्रेस-वे से और दूसरी ओर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से इटावा के कुदरैल में होगी। इसके बाद यह नेटवर्क आगे चलकर यमुना एक्सप्रेस-वे और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से भी जुड़ जाएगा, जिससे प्रदेश में एक मजबूत इंटरकनेक्टेड एक्सप्रेस-वे सिस्टम तैयार होगा। यह मार्ग इटावा के कुदरैल, मैनपुरी के भोगांव, कन्नौज के तिर्वा, फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर के जलालाबाद होते हुए हरदोई के सवायजपुर तक पहुंचेगा।
7600 करोड़ की लागत, 76 गांवों से होकर गुजरेगा रूट
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने इस लिंक एक्सप्रेस-वे का रूट मैप तैयार कर लिया है और भूमि अधिग्रहण के लिए चिन्हांकन की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। यह सिक्सलेन एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेस-वे लगभग 7600 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा और कुल 76 गांवों से होकर गुजरेगा।
कन्नौज और फर्रुखाबाद को मिलेगा बड़ा फायदा
इस परियोजना के जरिए कन्नौज और फर्रुखाबाद से कानपुर-अलीगढ़ हाईवे तक सीधी और आसान पहुंच सुनिश्चित होगी, जिससे व्यापार और आवागमन दोनों में तेजी आएगी। इससे मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
गंगा एक्सप्रेस-वे पहले ही उन्नाव से जुड़ा
कानपुर और लखनऊ के बीच गंगा एक्सप्रेस-वे पहले ही उन्नाव में कनेक्ट हो चुका है। दही थाना क्षेत्र के सोनिक के पास बनी रैंप के जरिए इस एक्सप्रेस-वे पर आवागमन संभव है, जिससे कानपुर से गंगा एक्सप्रेस-वे की दूरी लगभग 27 किलोमीटर रह गई है।
हरिद्वार तक विस्तार की घोषणा, विकास की नई दिशा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गंगा एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन के दौरान इसे उत्तर प्रदेश के विकास की नई जीवनरेखा बताया था। उन्होंने कहा था कि इसका विस्तार जल्द ही हरिद्वार तक किया जाएगा और फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेस-वे के जरिए इसे अन्य प्रमुख मार्गों से जोड़ा जाएगा। 36,230 करोड़ रुपये की लागत से बना 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे मेरठ से प्रयागराज को जोड़ता है।
किसानों और युवाओं के लिए बड़े अवसर
प्रधानमंत्री ने कहा था कि इस परियोजना के लिए किसानों ने अपनी भूमि दी, जिससे यह देश का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे बन सका। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल किसानों की आय बढ़ाएगी बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देगी।
