उत्तर प्रदेश

गाजियाबाद में 17 अप्रैल से सख्त नियम लागू, वीएलटीडी और इमरजेंसी बटन के बिना नहीं होंगे फिटनेस, PUC और परमिट के काम

गाजियाबाद। सार्वजनिक सेवा वाहनों को लेकर परिवहन विभाग ने बड़ा और सख्त फैसला लागू करने जा रहा है। अब 17 अप्रैल से ऐसे किसी भी वाहन का फिटनेस, प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC) और परमिट से जुड़ा कार्य नहीं किया जाएगा, जिसमें व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) और इमरजेंसी बटन नहीं लगा होगा।

यह नियम पहले 1 अप्रैल से लागू होना था, लेकिन तिथि बढ़ाने के बाद अब इसे 17 अप्रैल से प्रभावी किया जा रहा है। विभाग ने साफ कर दिया है कि इस बार किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी और नियमों का पालन अनिवार्य होगा।

इमरजेंसी बटन और ट्रैकिंग सिस्टम अनिवार्य
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) अशोक कुमार श्रीवास्तव के अनुसार यह निर्णय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के निर्देशों के तहत लिया गया है। इसके अंतर्गत सभी सार्वजनिक सेवा वाहन, नेशनल परमिट वाले वाहन और परिवहन कार्य में लगे अन्य वाहनों में वीएलटीडी और आपातकालीन सहायता बटन लगाना जरूरी कर दिया गया है।

इस व्यवस्था का उद्देश्य वाहनों की निगरानी बढ़ाना और आपात स्थिति में त्वरित सहायता सुनिश्चित करना है।

इन वाहनों को मिली छूट
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि दुपहिया वाहन, ई-रिक्शा, तिपहिया और बिना परमिट वाले वाहनों को इस नियम से छूट दी गई है। यानी इन श्रेणियों के वाहनों पर यह अनिवार्यता लागू नहीं होगी।

पहले से लागू है कुछ सेवाओं में नियम
अधिकारियों के मुताबिक, नए पंजीकरण, नवीनीकरण और स्वामित्व हस्तांतरण से जुड़े मामलों में यह नियम पहले ही 1 जनवरी से लागू किया जा चुका है। अब इसे फिटनेस, पीयूसी और परमिट से जुड़े सभी कार्यों तक विस्तारित कर दिया गया है।

नियम तोड़ने पर रुकेगी सेवाएं
परिवहन विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि कोई वाहन मालिक इन निर्देशों का पालन नहीं करता है, तो उसके वाहन से संबंधित सभी सेवाएं रोक दी जाएंगी। ऐसे में वाहन संचालकों के लिए यह जरूरी हो गया है कि वे समय रहते अपने वाहनों में वीएलटीडी और इमरजेंसी बटन लगवा लें।