दिल्ली

डेटिंग ऐप्स के जरिए 500 से ज्यादा महिलाओं को निशाना बनाने वाला शातिर साइबर ठग गिरफ्तार, 2 करोड़ की ठगी का खुलासा

दिल्ली पुलिस ने एक बड़े साइबर ठगी रैकेट का पर्दाफाश करते हुए एक ऐसे शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने डेटिंग और मैट्रिमोनियल ऐप्स पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर देशभर की 500 से अधिक महिलाओं को निशाना बनाया। आरोपी पर आरोप है कि उसने खुद को कभी डॉक्टर, कभी बिजनेसमैन तो कभी फिल्म प्रोड्यूसर बताकर महिलाओं को झांसे में लिया और भावनात्मक रिश्ता बनाकर उनसे करीब 2 करोड़ रुपये की ठगी की। पुलिस के मुताबिक आरोपी के पास से कई डिजिटल डिवाइस और कीमती जेवरात भी बरामद किए गए हैं।

कैसे सामने आया पूरा मामला
यह मामला तब सामने आया जब दक्षिण-पश्चिम दिल्ली साइबर थाने में एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता ने बताया कि एक फर्जी इंस्टाग्राम प्रोफाइल के जरिए उससे संपर्क किया गया और धीरे-धीरे भरोसे में लेकर करीब 7 लाख रुपये की ठगी की गई। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई, जिसके बाद पूरे साइबर नेटवर्क की परतें खुलती चली गईं।

भावनात्मक रिश्ते के जरिए बनाता था शिकार
जांच में सामने आया कि आरोपी पहले डेटिंग ऐप्स के जरिए महिलाओं से संपर्क करता था और खुद को एक स्थापित और सम्मानित व्यक्ति के रूप में पेश करता था। बातचीत को इंस्टाग्राम और फिर व्हाट्सऐप पर शिफ्ट कर वह भावनात्मक रिश्ता बनाता था और धीरे-धीरे शादी का वादा कर भरोसा जीत लेता था। इसके बाद मेडिकल इमरजेंसी, बिजनेस लॉस और पारिवारिक संकट जैसी झूठी कहानियां बनाकर पैसे ऐंठता था।

फर्जी पहचान और कई अकाउंट्स का इस्तेमाल
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी एक साथ कई फर्जी पहचान का इस्तेमाल करता था। वह अलग-अलग नामों से सोशल मीडिया और डेटिंग प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहता था और कई मोबाइल नंबरों के जरिए संपर्क बनाए रखता था। आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए बार-बार सिम कार्ड और मोबाइल डिवाइस बदलने की रणनीति अपनाई थी।

निजी तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेलिंग भी करता था आरोपी
जांच में यह गंभीर तथ्य भी सामने आया कि आरोपी बातचीत के दौरान महिलाओं से निजी तस्वीरें और वीडियो हासिल कर लेता था। बाद में इन्हीं सामग्री का इस्तेमाल कर वह पीड़ितों को ब्लैकमेल करता था और उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर पैसे वसूलता था।

तकनीकी जांच से खुला पूरा नेटवर्क
पुलिस ने सोशल मीडिया अकाउंट्स, आईपी लॉग्स, मोबाइल नंबर और वित्तीय लेन-देन की गहन तकनीकी जांच की। डिजिटल फुटप्रिंट्स के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई गई और पश्चिम बंगाल के 24 परगना क्षेत्र में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया गया। जांच में पता चला कि वह देश के कई राज्यों में इसी तरह की ठगी की घटनाओं में शामिल रहा है।

500 से अधिक महिलाओं से करीब 2 करोड़ की ठगी
पुलिस के अनुसार आरोपी ने अब तक लगभग 500 से ज्यादा महिलाओं को निशाना बनाया है और उनसे करीब 2 करोड़ रुपये की ठगी की है। वह एक साथ कई फर्जी प्रोफाइल चलाकर अलग-अलग पीड़ितों से संपर्क में रहता था और योजनाबद्ध तरीके से उन्हें ठगता था।

पहले भी आपराधिक मामलों में शामिल रहा है आरोपी
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले भी साइबर अपराध से जुड़े मामलों में संलिप्त रह चुका है। वह रोमांस स्कैम, हनी ट्रैप और ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग जैसे अपराधों में सक्रिय रहा है और लंबे समय से पुलिस की निगरानी में था।