राजस्थान

ड्राइवर की झपकी ने ली 3 जिंदगियां! कोटा में स्लीपर बस पलटी, अहमदाबाद से भिंड जा रही बस हादसे का शिकार, 35 यात्री घायल

राजस्थान के कोटा में नेशनल हाईवे-27 पर बुधवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। कोटा बाइपास स्थित हरे कृष्णा मंदिर के पास तेज रफ्तार स्लीपर कोच बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस भीषण दुर्घटना में तीन यात्रियों की मौत हो गई, जबकि करीब 35 लोग घायल हो गए हैं।

बस में करीब 60 यात्री थे सवार
पुलिस के अनुसार हादसे के समय बस में लगभग 60 यात्री सवार थे। मृतकों में तीन पुरुष शामिल हैं, जिनमें दो की पहचान नवीन और धर्मेंद्र के रूप में हुई है, जबकि एक मृतक की शिनाख्त की प्रक्रिया जारी है। घायलों में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। वहीं, बस चालक की हालत गंभीर बताई जा रही है और वह फिलहाल बेहोशी की स्थिति में है।

कैसे हुआ भीषण हादसा
जानकारी के मुताबिक बस अहमदाबाद से दोपहर करीब 12 बजे रवाना हुई थी और मध्य प्रदेश के भिंड-मुरैना की ओर जा रही थी। रात लगभग 11:15 बजे कोटा बाइपास पर चालक ने अचानक बस से नियंत्रण खो दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस तेज रफ्तार में थी और अनियंत्रित होकर पहले लेन बदलती हुई छोटी पुलिया से टकराई, फिर डिवाइडर पार करते हुए दूसरी तरफ पलट गई। उसी दौरान दूसरी लेन से गुजर रहे ट्रेलर चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर टक्कर से बचने की कोशिश की, लेकिन हादसा टल नहीं सका। बस के कांच टूटने से तीन यात्री बाहर गिर गए और ट्रेलर की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई।

रेस्क्यू ऑपरेशन में कटर से काटी गई बस
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम और आरके पुरम थाना पुलिस मौके पर पहुंची। नगर निगम की फायर ब्रिगेड और क्रेन की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। बस में फंसे यात्रियों को कटर की मदद से लोहे की बॉडी काटकर बाहर निकाला गया। सभी घायलों को तत्काल एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां अतिरिक्त डॉक्टरों को भी तैनात किया गया। हल्के रूप से घायल यात्रियों को प्रशासन ने रैन बसेरों में शिफ्ट किया।

हाईवे पर घंटों बाधित रहा यातायात
दुर्घटना के कारण नेशनल हाईवे-27 पर लंबा जाम लग गया और यातायात घंटों बाधित रहा। बाद में क्रेन की मदद से बस और ट्रेलर को हटाकर मार्ग को सुचारू किया गया। फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि हादसा चालक को नींद की झपकी आने से हुआ या फिर किसी तकनीकी खराबी के कारण यह दुर्घटना हुई।