उत्तर प्रदेश

यूपी में इलेक्ट्रिक बसों को बढ़ावा, 6 जिलों में बनेंगे चार्जिंग स्टेशन; 12.60 करोड़ की पहली किस्त जारी

उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। परिवहन विभाग ने प्रदेश के छह जिलों में इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए 12.60 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी है। इस पहल का उद्देश्य राज्य में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को तेज करना और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाना है।

इन जिलों में बनेंगे चार्जिंग स्टेशन

परिवहन विभाग के अनुसार, जिन जिलों में ये चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे, उनमें आजमगढ़, बलिया, मेरठ, बदायूं, झांसी और जालौन शामिल हैं। इन सभी स्थानों पर जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किए जाने की तैयारी है, ताकि इलेक्ट्रिक बसों की सुविधा का विस्तार किया जा सके।

प्रत्येक स्टेशन पर करीब 5.05 करोड़ का खर्च

बताया गया है कि एक चार्जिंग स्टेशन के निर्माण पर लगभग 5.05 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। फिलहाल हर जिले को 2.52 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की गई है, जिससे प्रारंभिक काम तेजी से शुरू किया जा सके।

16 जिलों तक विस्तार की योजना

यह परियोजना सिर्फ छह जिलों तक सीमित नहीं है। विभाग की योजना चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के कुल 16 जिलों में इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की है। इस पूरी योजना पर करीब 80.50 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जिसमें से 40.46 करोड़ रुपये जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

इलेक्ट्रिक बस संचालन को मिलेगा बढ़ावा

वर्तमान में प्रदेश में लखनऊ से अयोध्या और प्रयागराज के बीच इलेक्ट्रिक बसों का संचालन हो रहा है। नए चार्जिंग स्टेशन बनने के बाद अन्य शहरों को भी इस नेटवर्क से जोड़ा जा सकेगा, जिससे यात्रियों को बेहतर और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन सुविधा मिलेगी।

ग्रीन ट्रांसपोर्ट की दिशा में बड़ा कदम

सरकार की इस पहल को प्रदेश में ग्रीन ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने की दिशा में अहम माना जा रहा है। इससे न केवल प्रदूषण में कमी आएगी, बल्कि भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।