नगर निगम कमिश्नर के नाम पर फिर व्हाट्सएप फ्रॉड की कोशिश, कर्मचारियों से पैसे मांगने वाला फर्जी नंबर सक्रिय
लुधियाना। नगर निगम में एक बार फिर व्हाट्सएप फ्रॉड का मामला सामने आया है। नगर निगम कमिश्नर नीरू कत्याल की फोटो लगाकर बनाए गए एक फर्जी व्हाट्सएप नंबर के जरिए कर्मचारियों से पैसे मांगने की कोशिश की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि एक महीने पहले इस फर्जी अकाउंट के बारे में चेतावनी देने के बावजूद यह नंबर अब तक बंद नहीं हुआ है।
बताया जा रहा है कि 12 फरवरी को स्वयं कमिश्नर ने अपने व्हाट्सएप स्टेटस के जरिए इस फर्जी अकाउंट को लेकर लोगों को सतर्क किया था। उन्होंने स्क्रीनशॉट साझा करते हुए बताया था कि वियतनाम के एक मोबाइल नंबर से व्हाट्सएप अकाउंट बनाकर उस पर उनकी फोटो लगाई गई है और नगर निगम के कई कर्मचारियों को मैसेज भेजे जा रहे हैं।
कमिश्नर के नाम से बना फर्जी अकाउंट, पैसे ट्रांसफर करने का दबाव
जानकारी के अनुसार फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट के स्टेटस में खुद को नगर निगम कमिश्नर बताया गया है। इसे लेकर कमिश्नर नीरू कत्याल ने अपने संपर्क में मौजूद लोगों को चेतावनी देते हुए कहा था कि उनके नाम पर आने वाले किसी भी संदेश पर भरोसा न करें और किसी भी तरह की जानकारी या पैसे ट्रांसफर न करें। इसके बावजूद अब यह फर्जी अकाउंट फिर सक्रिय हो गया है और नगर निगम के कर्मचारियों को मैसेज भेजे जा रहे हैं।
जोन सी के सुपरिटेंडेंट को आया मैसेज
ताजा मामले में जोन सी के सुपरिटेंडेंट अब्दुल को इसी फर्जी नंबर से मैसेज भेजकर पैसे की मांग की गई। हालांकि उन्हें पहले से इस फ्रॉड के बारे में जानकारी थी, इसलिए उन्होंने कोई पैसा ट्रांसफर नहीं किया। फिलहाल इस मामले में कमिश्नर या नगर निगम के किसी अन्य कर्मचारी द्वारा पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराए जाने की पुष्टि नहीं हुई है।
पहले भी कमिश्नर के नाम पर बनाया गया था फर्जी अकाउंट
नगर निगम में इस तरह की घटना पहली बार नहीं हुई है। इससे पहले भी संदीप ऋषि के नाम पर एक फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाया गया था, जिसमें उनकी फोटो लगाकर लोगों को मैसेज भेजे गए थे। उस मामले में एक जूनियर इंजीनियर धोखे में आकर पैसे ट्रांसफर कर बैठा था। बाद में एक अन्य अधिकारी को इसी तरह का मैसेज मिलने पर पूरे मामले का खुलासा हुआ था, जिसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी।
