छत्तीसगढ़ के 25.28 लाख किसानों को होली से पहले बड़ी सौगात, CM विष्णुदेव साय ने ट्रांसफर किए 10,324 करोड़ रुपए
रायपुर। छत्तीसगढ़ में इस बार किसानों की होली सचमुच ‘गुलाबी’ हो गई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिल्हा विकासखंड के रहंगी में आयोजित कृषक उन्नति योजना के आदान सहायता राशि वितरण समारोह और वृहद किसान सम्मेलन में प्रदेश के 25 लाख 28 हजार किसानों के खातों में 10 हजार 324 करोड़ रुपए से अधिक की राशि अंतरित की। इनमें बिलासपुर जिले के 1 लाख 25 हजार 352 किसान शामिल हैं, जिनके खातों में 494.38 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जिले में 15.99 करोड़ रुपए की लागत से पूर्ण हुए 7 विकास कार्यों का लोकार्पण और 247.18 करोड़ रुपए की लागत वाले 82 विकास कार्यों का शिलान्यास भी किया। कार्यक्रम में उनका खुमरी और नांगर भेंटकर सम्मान किया गया तथा ‘कृषक उन्नति योजना का वरदान, छत्तीसगढ़ का हर किसान धनवान’ थीम पर आधारित वीडियो का विमोचन भी हुआ।
होली से पहले किसानों को बड़ी राहत
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज का दिन किसानों के सम्मान का दिन है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 25 लाख 28 हजार से अधिक किसानों ने धान बेचा है और कृषक उन्नति योजना के तहत 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि उनके खातों में भेजी गई है। उन्होंने कहा कि किसानों को होली का त्योहार अच्छे से मनाने में कोई कठिनाई न हो, इसलिए त्योहार से पहले यह राशि अंतरित की गई है।
उन्होंने कहा कि सरकार किसान हितैषी है और किसानों के लिए प्रगतिशील योजनाएं लाई जा रही हैं। इस बार बारदाने की कोई समस्या नहीं हुई और भुगतान भी समय पर हुआ। किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण की सुविधा दी गई है और लाखों किसान किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ ले रहे हैं। प्रदेश में किसानों को धान की सर्वाधिक कीमत देने की व्यवस्था की गई है।
भूमिहीन मजदूरों को भी लाभ, कृषि बजट में 13 हजार करोड़ से अधिक प्रावधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमिहीन कृषि मजदूरों के खातों में भी राशि अंतरित की जा रही है। खाद पर सब्सिडी, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार और सहकारिता को लाभकारी बनाने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किसानों को 6 हजार रुपए की सम्मान निधि दी जा रही है और इस वर्ष कृषि क्षेत्र के लिए 13 हजार करोड़ रुपए से अधिक का बजट प्रावधान सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से किसानों को खेतों में पर्याप्त पानी मिल सकेगा। साथ ही बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में प्रगति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मार्च 2026 तक इस दिशा में लक्ष्य हासिल किया जाएगा। इस संदर्भ में उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के संकल्प का भी जिक्र किया।
खनिज, पर्यटन और दुग्ध क्रांति पर जोर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और संसाधनों के समुचित उपयोग से विकास को गति दी जा रही है। पर्यटन क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए एनडीडीबी से समझौता किया गया है और राज्य में दुग्ध क्रांति की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रधानमंत्री की गारंटियों को पूरा करने की दिशा में तेजी से काम किया है। पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत किए गए। सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन कर प्रशासन में पारदर्शिता के लिए ई-ऑफिस प्रणाली लागू की गई है।
स्वास्थ्य, शिक्षा और सामुदायिक भवनों की घोषणाएं
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने चकरभाटा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन, मंगला की माध्यमिक शाला को हाई स्कूल में उन्नयन तथा रहंगी के खेल मैदान में बाउंड्रीवॉल और स्टेज निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही सतनामी समाज और पत्थरखान के आदिवासी समाज के सामुदायिक भवन के लिए 50-50 लाख रुपए देने की घोषणा की।
कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि 10 हजार 300 करोड़ रुपए से अधिक की राशि सीधे किसानों के खातों में पहुंची है। उन्होंने किसानों को फसल विविधीकरण अपनाने, दलहन-तिलहन उत्पादन बढ़ाने, मिश्रित और जैविक खेती की ओर बढ़ने का आह्वान किया।
किसानों ने जताया आभार
मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से किसानों से संवाद भी किया। जगदलपुर की हितग्राही बसंती कश्यप ने 36 हजार रुपए मिलने पर धन्यवाद दिया। कोरबा जिले के पहाड़ी कोरवा हितग्राही सुखन साय ने बताया कि 73 क्विंटल धान बेचने पर उन्हें 53 हजार रुपए मिले हैं, जिनका उपयोग वे घर निर्माण में करेंगे। जांजगीर के किसान समर्थ सिंह ने 1 लाख 41 हजार रुपए की राशि मिलने पर आभार जताया।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
