Sunday, March 1, 2026
राजस्थान

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ‘प्रचंड’ में भरी ऐतिहासिक उड़ान, भारत-पाक सीमा के पास को-पायलट बन रचा नया इतिहास

राजस्थान के जैसलमेर से देश के सैन्य इतिहास की एक अहम तस्वीर सामने आई, जब राष्ट्रपति एवं सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मु ने स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर ‘प्रचंड’ में बतौर को-पायलट उड़ान भरी। वह इस अत्याधुनिक लड़ाकू हेलीकॉप्टर में सह-पायलट के रूप में उड़ान भरने वाली देश की पहली राष्ट्रपति बन गई हैं।

ऑलिव ग्रीन फ्लाइंग सूट और हेलमेट में राष्ट्रपति ने उड़ान से पहले पायलट से विस्तृत ब्रीफिंग ली। इसके बाद उन्होंने कॉकपिट में बैठकर ग्रुप कैप्टन एन.एस. बहुआ के साथ उड़ान भरी। उड़ान के दौरान सर्वोच्च कमांडर के रूप में उन्होंने कॉकपिट से देशवासियों को संदेश भी दिया और ‘प्रचंड’ को आत्मनिर्भर भारत का सशक्त प्रतीक बताया।

जैसलमेर वायुसेना स्टेशन से भरी उड़ान

राष्ट्रपति ‘वायु शक्ति’ युद्ध अभ्यास में मुख्य अतिथि के रूप में जैसलमेर पहुंची थीं। सुबह भारतीय वायु सेना के वायुसेना स्टेशन पर पहुंचने के बाद उन्होंने अधिकारियों से ‘प्रचंड’ हेलीकॉप्टर की क्षमताओं और मिशन प्रोफाइल की विस्तृत जानकारी ली। इसके बाद वह पायलट यूनिफॉर्म में कॉकपिट में सवार हुईं और निर्धारित क्षेत्र में उड़ान भरी।

HAL निर्मित ‘प्रचंड’ की क्षमता का लिया जायजा

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा निर्मित इस आधुनिक लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर से राष्ट्रपति ने देश की सबसे बड़ी फील्ड फायरिंग रेंज और परमाणु परीक्षण स्थल का हवाई मुआयना किया। उड़ान के दौरान उन्होंने हेलीकॉप्टर से सैल्यूट कर मौजूद जवानों और अधिकारियों का अभिवादन स्वीकार किया।

उनके साथ दूसरे हेलीकॉप्टर में एयर चीफ मार्शल एपी सिंह भी मौजूद रहे। यह उड़ान न केवल सैन्य दृष्टि से महत्वपूर्ण रही, बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ और स्वदेशी रक्षा उत्पादन की दिशा में भारत की बढ़ती क्षमता का प्रतीक भी बनी।

राष्ट्रपति की इस ऐतिहासिक उड़ान ने सशस्त्र बलों के मनोबल को नई ऊर्जा देने के साथ-साथ देश की रक्षा शक्ति और आत्मनिर्भरता के संदेश को भी मजबूत किया।