Sunday, March 1, 2026
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मिडिल ईस्ट संकट से ग्लोबल एविएशन ठप: अबू धाबी–दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट बंद, भारतीयों समेत हजारों यात्री फंसे

नई दिल्ली। अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले और उसके जवाब में ईरान की मिसाइली कार्रवाई ने अंतरराष्ट्रीय विमान सेवाओं को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच शनिवार को दुबई और अबू धाबी समेत कई प्रमुख एयरपोर्ट बंद कर दिए गए, जिससे हजारों यात्री—जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय भी शामिल हैं—फंस गए।

दुबई इंटरनेशनल और अल मकतूम एयरपोर्ट अनिश्चितकाल के लिए बंद

ईरान के मिसाइल हमलों के बाद दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में शुमार Dubai International Airport और Al Maktoum International Airport को बंद कर दिया गया। दुबई एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ने बयान जारी कर कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए एहतियातन सभी फ्लाइट ऑपरेशन अनिश्चितकाल के लिए रोक दिए गए हैं। यात्रियों को एयरपोर्ट न आने और अपनी-अपनी एयरलाइन से संपर्क में रहने की सलाह दी गई है।

उड़ान मानचित्रों में ईरान, इराक, कुवैत, इजरायल और बहरीन के ऊपर का एयरस्पेस लगभग खाली दिखाई दिया। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में दुबई एयरपोर्ट पर भारी अव्यवस्था और हजारों यात्रियों की भीड़ देखी गई।

एमिरेट्स, फ्लाईदुबई और एतिहाद ने रोकी सेवाएं

रॉयटर्स के मुताबिक, Emirates और flydubai ने अस्थायी रूप से संचालन रोक दिया, जबकि Etihad Airways ने रविवार 1000 GMT तक अबू धाबी से सभी उड़ानें निलंबित कर दीं।

ईरान ने अमेरिकी और इजरायली हमलों के जवाब में खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया। धमाकों की गूंज अबू धाबी, दुबई, दोहा, रियाद और मनामा तक सुनाई दी।

अल धफरा और अल उदीद एयर बेस बने निशाना

यूएई में अल धफरा एयर बेस और कतर में स्थित Al Udeid Air Base को भी निशाना बनाया गया, जहां अमेरिकी सेना की मौजूदगी है। कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस के एक रनवे को नुकसान पहुंचने की खबर है। दोहा के Hamad International Airport पर गेट लगभग खाली नजर आए, जबकि फंसे यात्री होटल व्यवस्था के लिए कतार में दिखे।

क्षेत्रीय एयरस्पेस बंद होने के कारण विमानों को लार्नाका, जेद्दा, काहिरा और रियाद की ओर डायवर्ट किया गया। भारी ट्रैफिक के चलते फ्लाइट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म FlightRadar24 भी कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ।

यूरोप और ब्रिटेन ने जारी की एडवाइजरी

British Airways और Lufthansa ने तीन मार्च तक तेल अवीव और बहरीन की उड़ानें रद कर दी हैं। यूरोपीय संघ के विमानन नियामक EASA ने एयरलाइनों को प्रभावित एयरस्पेस से दूर रहने की सलाह दी है। Air France ने एक मार्च तक तेल अवीव, बेरूत, दुबई और रियाद की उड़ानें रद कर दी हैं।

लंदन के Heathrow Airport से भी पश्चिम एशिया जाने वाली कई उड़ानें प्रभावित हुई हैं।

भारत पर भी बड़ा असर, 85% उड़ानें रद

भारत के Indira Gandhi International Airport से मध्य पूर्व के लिए उड़ानों पर गंभीर असर पड़ा है। एअर इंडिया की उड़ान संख्या AI-139, जो दिल्ली से तेल अवीव जा रही थी, ईरान के करीब पहुंचने पर वापस मोड़ दी गई।

Air India और IndiGo ने दिल्ली से दुबई, दोहा, अबू धाबी, रियाद और जेद्दा जाने वाली 85 प्रतिशत उड़ानें अगले 48–72 घंटों के लिए रद कर दी हैं।

मुंबई एयरपोर्ट पर भी 57 उड़ानें रद हुईं। लंबी दूरी की उड़ानों—लंदन, पेरिस, न्यूयॉर्क और शिकागो—को अब मध्य एशिया या तुर्किए के रास्ते भेजा जा रहा है, जिससे उड़ान अवधि दो से चार घंटे बढ़ सकती है।

90 हजार ट्रांजिट यात्री प्रभावित

एविएशन विश्लेषण के अनुसार, दुबई, दोहा और अबू धाबी में रोजाना करीब 90,000 यात्री ट्रांजिट करते हैं। एयरस्पेस बंद होने से इन यात्रियों पर सीधा असर पड़ा है।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी एयरलाइन से नियमित संपर्क में रहें और यात्रा से पहले फ्लाइट स्टेटस की पुष्टि अवश्य करें। एयरलाइनों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे देरी, डायवर्जन और कैंसिलेशन की सूचना समय पर साझा करें।

मध्य पूर्व में छाए युद्ध जैसे हालात ने वैश्विक उड्डयन नेटवर्क को झकझोर दिया है। जब तक क्षेत्रीय तनाव कम नहीं होता, अंतरराष्ट्रीय विमान सेवाओं के सामान्य होने की संभावना कम ही नजर आ रही है।