Monday, March 2, 2026
उत्तराखंड

चारधाम यात्रियों के लिए बड़ी राहत: इस बार नहीं बढ़ेगा बस किराया, संयुक्त रोटेशन समिति का फैसला

ऋषिकेश: चारधाम यात्रा की तैयारी कर रहे श्रद्धालुओं के लिए सुकून भरी खबर है। यात्रा के दौरान बसों का संचालन करने वाली संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति ने इस वर्ष किराए में किसी भी प्रकार की वृद्धि न करने का निर्णय लिया है। यानी तीर्थयात्रियों को पिछले साल की दरों पर ही यात्रा सुविधा मिलेगी।

रोटेशन व्यवस्था के तहत चलेंगी पंजीकृत बसें

राज्य में पंजीकृत सभी बसें रोटेशन व्यवस्था के तहत चारधाम यात्रा में संचालित की जाएंगी। दस परिवहन कंपनियां संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति के अंतर्गत बसों का संचालन करती हैं। गुरुवार को सर्वसम्मति से रोटेशन व्यवस्था का विधिवत गठन किया गया।

समिति ने पहले ही गढ़वाल मोटर आनर्स यूनियन से जुड़े भास्करानंद भारद्वाज को अध्यक्ष चुना था। बैठक में तय किया गया कि बसों को यात्रा में भेजने के लिए पूर्व की भांति लॉटरी प्रणाली अपनाई जाएगी। लॉटरी में निकले नंबर के आधार पर वाहन यात्रा पर भेजे जाएंगे।

हरिद्वार से 4450 और ऋषिकेश से 4250 रुपये किराया

संयुक्त रोटेशन समिति के निर्णय के अनुसार, चारधाम यात्रा का किराया पहले की तरह ही रहेगा। हरिद्वार से प्रति सीट 4450 रुपये और ऋषिकेश से 4250 रुपये निर्धारित किए गए हैं। समिति ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं डाला जाएगा।

बैठक में संयुक्त रोटेशन के अध्यक्ष भास्करानंद भारद्वाज, जीएमओ के अध्यक्ष गजे सिंह रौथाण, टीजीएमओ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह नेगी, रूपकुंड के अध्यक्ष भूपाल सिंह नेगी समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे। संचालन अजय बधानी ने किया।

अप्रैल में शुरू होगी चारधाम यात्रा

इस वर्ष चारधाम यात्रा अप्रैल में शुरू हो रही है। 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। इसके बाद 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम और 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे।

संयुक्त रोटेशन में शामिल प्रमुख कंपनियां

संयुक्त रोटेशन व्यवस्था में गढ़वाल मोटर आनर्स यूनियन, टिहरी गढ़वाल मोटर आनर्स, यातायात, गढ़वाल मंडल कांट्रेक्ट कैरेज, रूपकुंड पर्यटन विकास समिति, सीमांत सहकारी संघ लिमिटेड, दून वैली कांट्रेक्ट कैरेज एसोसिएशन, गढ़वाल मोटर यूजर्स, गढ़वाल मंडल बहुउद्देशीय सहकारी समिति और हरिद्वार कांट्रेक्टर शामिल हैं।

समिति के इस फैसले से हजारों श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी, जो हर साल चारधाम यात्रा पर पहुंचते हैं।