राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस ने बदला मौसम, बारिश के साथ कई जगह गिरे ओले, किसानों की बढ़ी चिंता
राजस्थान में बुधवार, 18 फरवरी को पश्चिमी विक्षोभ यानी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के चलते मौसम ने अचानक करवट ली। जयपुर समेत राज्य के 10 से अधिक जिलों में सुबह से रुक-रुककर बारिश हो रही है। दोपहर के समय जयपुर में अचानक अंधेरा छा गया और तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी हुई। वहीं, नागौर, श्रीगंगानगर, पाली और हनुमानगढ़ में ओलावृष्टि दर्ज की गई।
ओलावृष्टि से बढ़ी किसानों की चिंता
ओलावृष्टि से खासकर उन क्षेत्रों के किसान चिंतित हैं, जहां रबी की फसल तैयार है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, पिछले 24 घंटे में नागौर, श्रीगंगानगर, पाली, हनुमानगढ़ और चूरू में हल्की बारिश हुई। नागौर के कुछ हिस्सों में ओले भी गिरे। श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान में 5.7 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई, 24.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकार्ड किया गया। विभाग के मुताबिक, इस पश्चिमी विक्षोभ के कारण राज्य के कई हिस्सों में तापमान में करीब 11 डिग्री तक की गिरावट आई है।
सर्द हवाओं से बढ़ी ठंड का एहसास
मौसम विभाग ने अगले 4-5 दिनों तक तापमान में 2-4 डिग्री की कमी बनी रहने का अनुमान जताया है। जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, इस सिस्टम का सबसे अधिक असर उत्तर-पूर्वी हिस्सों में रहेगा। हालांकि, 19 फरवरी के बाद मौसम साफ होने और तापमान में फिर से बढ़ोतरी की संभावना है।
बीकानेर, जयपुर, भरतपुर, अजमेर और कोटा संभाग में अच्छी बारिश दर्ज की गई। जयपुर संभाग के नारायणा इलाके में सबसे अधिक 27 मिलीमीटर बारिश हुई। पश्चिमी राजस्थान के नोहर और हनुमानगढ़ में 20-20 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई और लोगों को फिर से ठंड का एहसास हुआ।
कल का मौसम रहेगा शुष्क
मौसम विभाग ने बताया कि गुरुवार, 19 फरवरी को राज्य के ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की उम्मीद है। पूर्वी राजस्थान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में सर्दियों की बारिश का मुख्य कारण होता है। इस बार इसके प्रभाव से राजस्थान के कई जिलों में अच्छी फुहारें हुईं, जिससे किसानों और आम लोगों को राहत मिली। हालांकि, ओलों की संभावना के कारण फसलों को नुकसान का खतरा भी बना हुआ है।
