Monday, March 2, 2026
अन्य राज्य

असम दौरे पर पीएम मोदी, 5,500 करोड़ की परियोजनाओं का शुभारंभ; नेशनल हाईवे पर विमान उतारकर रचा इतिहास

नई दिल्ली/डिब्रूगढ़: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को एक दिवसीय दौरे पर असम पहुंचे, जहां उन्होंने करीब 5,500 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शुभारंभ किया। दौरे की शुरुआत डिब्रूगढ़ में मोरान बाईपास स्थित नए इमरजेंसी लैंडिंग सुविधा (ELF) पर विमान उतरने के साथ हुई। यह देश में पहली बार है जब किसी प्रधानमंत्री का विमान नेशनल हाईवे पर लैंड हुआ है। सैन्य और रणनीतिक दृष्टि से अहम माने जा रहे इस रनवे को युद्ध या प्राकृतिक आपदा जैसी आपात परिस्थितियों में भारतीय वायुसेना के लिए गेम-चेंजर बताया जा रहा है।

ब्रह्मपुत्र पर 6-लेन ‘कुमार भास्कर वर्मा सेतु’ राष्ट्र को समर्पित

दौरे के अगले चरण में प्रधानमंत्री ने ब्रह्मपुत्र नदी पर बने अत्याधुनिक Kumar Bhaskar Varma Setu का उद्घाटन किया। करीब 3,030 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह 6-लेन पुल पूर्वोत्तर भारत का पहला एक्स्ट्राडोज्ड (Extradosed) पुल है। अत्याधुनिक इंजीनियरिंग तकनीक से तैयार इस सेतु के चालू होने से गुवाहाटी और उत्तर गुवाहाटी के बीच की दूरी, जो पहले घंटों में तय होती थी, अब महज 7 मिनट में पूरी की जा सकेगी। भूकंपरोधी संरचना और रियल-टाइम हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम से लैस यह पुल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई मजबूती देगा और आने वाले वर्षों में विकास की लाइफलाइन साबित होगा।

IIM गुवाहाटी और नेशनल डेटा सेंटर से शिक्षा-डिजिटल सेक्टर को बढ़ावा

शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी पहल करते हुए प्रधानमंत्री ने Indian Institute of Management Guwahati के स्थायी परिसर का उद्घाटन किया। इसके साथ ही कामरूप जिले के अमीनगांव में नेशनल डेटा सेंटर का भी शुभारंभ किया गया। 8.5 मेगावाट क्षमता वाला यह अत्याधुनिक डेटा सेंटर पूर्वोत्तर के सरकारी आंकड़ों को सुरक्षित रखने के साथ-साथ डिजिटल सेवाओं को नई गति देगा। इस पहल को डिजिटल इंडिया मिशन के विस्तार की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

225 इलेक्ट्रिक बसों को दिखाई हरी झंडी

पर्यावरण अनुकूल शहरी परिवहन को बढ़ावा देते हुए प्रधानमंत्री ने 225 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई। इनमें से 100 बसें विशेष रूप से गुवाहाटी के लिए निर्धारित हैं, जबकि शेष बसें नागपुर, भावनगर और चंडीगढ़ के सार्वजनिक परिवहन बेड़े में शामिल की जाएंगी। इस कदम से प्रदूषण में कमी और स्वच्छ शहरी परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।