Monday, March 2, 2026
झारखंड

झारखंड विधानसभा डिजिटल युग में दाखिल: CM हेमंत सोरेन ने विधायकों को दिए टैब, अब पेपरलेस होगा कामकाज

रांची। झारखंड विधानसभा में विधायी कार्यों को पूरी तरह पेपरलेस बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। बुधवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो की मौजूदगी में मंत्रियों और विधायकों को टैबलेट वितरित किए गए। इसके साथ ही विधानसभा की कार्यप्रणाली को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ले जाने की औपचारिक शुरुआत हो गई।

NEVA के जरिए डिजिटल विधायी प्रणाली लागू
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि देश के लगभग 20 राज्यों में राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (NEVA) के माध्यम से डिजिटल और पेपरलेस विधायी कार्य शुरू हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि झारखंड विधानसभा के सदस्यों को भी इस एप्लीकेशन की विभिन्न सुविधाओं की जानकारी दी जा रही है और टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि आगामी सत्रों में विधायी कार्य डिजिटल माध्यम से संपन्न किए जा सकें।

डिजिटाइजेशन से बेहतर समन्वय और सुविधा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे होने के बाद झारखंड विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। विधानसभा अध्यक्ष के प्रयासों से सदन की कार्यप्रणाली डिजिटल प्रणाली की ओर अग्रसर है, जिससे सदस्यों के बीच बेहतर समन्वय और संवाद संभव होगा। साथ ही कागजों के भारी इस्तेमाल में भी कमी आएगी और कामकाज अधिक सुव्यवस्थित होगा।

साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर
हेमंत सोरेन ने कहा कि किसी भी डिजिटल व्यवस्था के साथ शुरुआती चुनौतियां होती हैं और साइबर अपराध आज के समय की बड़ी चिंता है। इसको ध्यान में रखते हुए NEVA के सुरक्षित उपयोग के लिए विधायकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि प्रश्नों या प्रक्रियाओं में किसी तरह की छेड़छाड़ न हो और पूरी प्रणाली सुरक्षित बनी रहे।

अब देर रात विधानसभा आने की जरूरत नहीं
मुख्यमंत्री ने बताया कि एनईवीए सेवा केंद्र की शुरुआत के साथ विधानसभा में डिजिटल युग का नया अध्याय जुड़ गया है। इसके जरिए विधायकों को प्रश्न दाखिल करने और अन्य प्रक्रियाओं के लिए देर रात तक विधानसभा आने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि अधिकांश कार्य ऑनलाइन माध्यम से ही पूरे हो सकेंगे। कार्यक्रम में मंत्रीगण, विधायक, वरिष्ठ अधिकारी और विधानसभा कर्मचारी मौजूद रहे।