झारखंड

चलती ट्रेन में अब हर जरूरत होगी पूरी, बच्चों के खिलौनों से लेकर महिलाओं के कॉस्मेटिक तक मिलेगी सुविधा

धनबाद। रेल यात्रा के दौरान जल्दबाजी में जरूरी सामान घर पर छूट जाना यात्रियों के लिए अक्सर परेशानी का कारण बनता है। खासकर छोटे बच्चों के साथ सफर कर रहे यात्रियों को नैपी या दूध की बोतल न होने पर दिक्कत झेलनी पड़ती है। वहीं महिलाएं अगर सेनेटरी नैपकिन या जरूरी कॉस्मेटिक सामान साथ रखना भूल जाएं तो असहज स्थिति पैदा हो जाती है। यात्रियों की इन्हीं समस्याओं को देखते हुए रेलवे ने बड़ी पहल की है। अब यात्रियों को चलती ट्रेन में ही रोजमर्रा के जरूरी सामान मिल सकेंगे।

इन रेल मार्गों पर लागू होगी नई व्यवस्था
रेलवे के अनुसार, धनबाद-गया रेल मार्ग पर इस सुविधा के सफल प्रयोग के बाद अब इसे धनबाद-चंद्रपुरा-बरकाकाना, न्यू गिरिडीह, हजारीबग टाउन, बरकाकाना, मेसरा व रांची और बरकाकाना-सिंगरौली रेल मार्ग पर चलने वाली ट्रेनों में लागू किया जाएगा। राजधानी, दुरंतो, शताब्दी और वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेनों को छोड़कर अन्य सभी पैसेंजर और मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों में यात्रियों को यह सुविधा मिलेगी।

ट्रेन में क्या-क्या सामान मिलेगा
यात्रियों को सफर के दौरान बच्चों के खिलौने, चादर, हवा वाले तकिए, बच्चों की नैपी, दूध की बोतल, पाउडर दूध, हैंड वॉश, साबुन, ब्रश, तौलिया जैसी जरूरत की वस्तुएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा महिलाओं के लिए कॉस्मेटिक आइटम, सेनेटरी नैपकिन, पर्स, परफ्यूम, नेलकटर और अन्य घरेलू उपयोग का सामान भी ट्रेन में मिल सकेगा।

लाइसेंसधारी वेंडर ही करेंगे बिक्री
रेलवे इस सुविधा के लिए अधिकृत वेंडरों की तैनाती करेगा, जिन्हें विधिवत लाइसेंस जारी किया जाएगा। ये वेंडर निर्धारित रेलखंड में एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन के बीच ही सामान बेच सकेंगे। यात्रियों को सुबह से शाम तक यह सुविधा मिलेगी, जबकि रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक सामान बेचने की अनुमति नहीं होगी। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि इस दौरान खाद्य पदार्थ और पैकेज्ड पेयजल की बिक्री नहीं की जाएगी।

रेलवे के इस फैसले से खासतौर पर लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों, महिलाओं और बच्चों के साथ सफर कर रहे परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अब जरूरी सामान भूल जाने पर यात्रियों को परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी और ट्रेन का सफर अधिक सुविधाजनक हो जाएगा।