Monday, March 2, 2026
दिल्ली

दिल्ली को मिली 500 नई ई-बसें, ई-बसों में राजधानी नंबर वन; नितिन नवीन ने सराहा सरकार का काम

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। रविवार को रामलीला मैदान में 500 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई गई, जिसके साथ ही दिल्ली देश में सबसे अधिक ई-बसों वाला राज्य बन गया है। इस मौके पर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मौजूद रहीं। नई बसों के जुड़ने से दिल्ली में ई-बसों की कुल संख्या बढ़कर 4,286 हो गई है, जिससे राजधानी ने महाराष्ट्र को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल कर लिया है।

प्रधानमंत्री मोदी की कूटनीति की सराहना
कार्यक्रम के दौरान नितिन नवीन ने अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने धैर्यपूर्ण और संतुलित कूटनीति के जरिए यह समझौता किया, जिससे किसानों और मजदूरों के हित सुरक्षित हुए हैं और देश का आत्मसम्मान भी बढ़ा है।

दिल्ली का बस बेड़ा 5,700 के पार
नितिन नवीन ने बताया कि 500 नई ई-बसों के शामिल होने से दिल्ली का कुल बस बेड़ा अब 5,700 से अधिक हो गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को बधाई देते हुए कहा कि पिछली सरकारें केवल वादों और घोषणाओं तक सीमित रहीं, जबकि मौजूदा सरकार ज़मीन पर काम करके दिखा रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली का विकास इसी रफ्तार से आगे बढ़ता रहेगा।

अन्य राज्यों से आगे निकली दिल्ली
देश में ई-बसों की संख्या के मामले में अब दिल्ली शीर्ष पर है। महाराष्ट्र में 4,001, कर्नाटक में 1,989, गुजरात में 1,041, तेलंगाना में 875 और उत्तर प्रदेश में 874 ई-बसें हैं, जबकि दिल्ली 4,286 ई-बसों के साथ पहले स्थान पर पहुंच चुकी है।

2028 तक 14 हजार ई-बसों का लक्ष्य
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का लक्ष्य 2026 के अंत तक ई-बसों की संख्या 7,500 तक पहुंचाने का है। उन्होंने बताया कि 2028 तक डीटीसी के बेड़े में 14,000 ई-बसें शामिल करने की योजना है। इसके साथ ही राजधानी में जल्द ही 12 मीटर, 9 मीटर और 7 मीटर लंबाई की नई बसें भी शुरू की जाएंगी।

दिल्ली–पानीपत के बीच शुरू हुई ई-बस सेवा
इस अवसर पर दिल्ली और पानीपत के बीच नए इंटरस्टेट रूट पर इलेक्ट्रिक बस सेवा की भी शुरुआत की गई। परिवहन मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने बताया कि यह रूट करीब 86 किलोमीटर लंबा है और बसें महाराणा प्रताप ISBT, सिंघु बॉर्डर, बहालगढ़, कुमासपुर, मुरथल, गन्नौर, पट्टी कल्याणा, समालखा, करहंस और मचरौली से होकर गुजरेंगी।

बसों का समय और संचालन
दिल्ली से पानीपत के लिए बसें सुबह 7:00, 7:30, 8:30 बजे और दोपहर 3:00, 4:00 व 5:00 बजे रवाना होंगी। वहीं पानीपत से दिल्ली के लिए बस सेवाएं सुबह 10:00, 10:30, 11:30 बजे और शाम 6:00, 7:00 व 8:00 बजे उपलब्ध रहेंगी।