1 करोड़ के मानहानि नोटिस पर MLC अक्षय प्रताप का पलटवार, बोले- ‘भानवी खुद गलत, द्वेष में भेजा गया नोटिस’
कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया से जुड़े पारिवारिक विवाद ने अब सियासी और कानूनी स्तर पर नई तीव्रता पकड़ ली है। राजा भैया की पत्नी भानवी कुमारी सिंह द्वारा ममेरे भाई बृजेंद्र प्रताप सिंह को भेजे गए 1 करोड़ रुपये के मानहानि नोटिस पर प्रतापगढ़ से विधान परिषद सदस्य कुंवर अक्षय प्रताप सिंह उर्फ ‘गोपाल जी’ ने खुलकर मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने नोटिस को पूरी तरह निराधार बताते हुए इसे व्यक्तिगत द्वेष का परिणाम करार दिया है।
क्या है पूरा मामला
भानवी कुमारी सिंह ने अपने अधिवक्ता पंकज कौशिक के माध्यम से बृजेंद्र प्रताप सिंह को कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि 21 सितंबर 2025 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर उनके खिलाफ एक अपमानजनक और भ्रामक पोस्ट की गई थी। भानवी सिंह का दावा है कि यह पोस्ट 11 लाख से अधिक बार देखी गई, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को गंभीर और अपूरणीय क्षति पहुंची। नोटिस में 15 दिनों के भीतर सार्वजनिक माफी और 1 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की गई है।
MLC अक्षय प्रताप सिंह का तीखा बयान
नोटिस सार्वजनिक होते ही MLC अक्षय प्रताप सिंह ‘गोपाल जी’ ने भानवी सिंह के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि यह नोटिस तथ्यों से परे और पूरी तरह बेबुनियाद है। अक्षय प्रताप सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि भानवी सिंह स्वयं गलत हैं और उन्होंने अपने ही भाई को कानूनी नोटिस भेजकर मामले को अनावश्यक रूप से बढ़ाने की कोशिश की है।
द्वेष और रंजिश का आरोप
अक्षय प्रताप सिंह ने आगे कहा कि यह कार्रवाई मानहानि से जुड़ी नहीं है, बल्कि निजी द्वेष और पारिवारिक रंजिश के चलते उठाया गया कदम है। उन्होंने इशारों में कहा कि नोटिस में लगाए गए आरोपों के समर्थन में कोई ठोस आधार नहीं है और यह पूरी प्रक्रिया केवल दबाव बनाने की कोशिश है।
कानूनी लड़ाई और तेज होने के संकेत
भानवी सिंह ने अपने नोटिस में स्पष्ट किया है कि यदि 15 दिनों की समय-सीमा के भीतर उनकी शर्तें पूरी नहीं की जातीं, तो वह बृजेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दीवानी और आपराधिक मुकदमे दर्ज कराएंगी। ऐसे में आने वाले दिनों में यह पारिवारिक विवाद और अधिक कानूनी व राजनीतिक रंग ले सकता है।
