Monday, March 2, 2026
झारखंड

बोकारो में हाथियों का खौफनाक तांडव, दो दिन में दादा-पोते और पति-पत्नी समेत पांच की मौत से गांवों में मातम

बोकारो। झारखंड में हाथियों के हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। वन क्षेत्रों से सटे ग्रामीण इलाकों में हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है और निर्दोष लोग इसकी चपेट में आकर जान गंवा रहे हैं। बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड में बीते दो दिनों के भीतर हाथियों के हमलों में पांच लोगों की मौत से पूरे इलाके में दहशत और मातम का माहौल है।

गोमिया प्रखंड में फिर हाथियों का हमला, दो और की गई जान
बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड में हाथियों ने एक बार फिर जानलेवा हमला किया है। ताजा घटना में दो लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही गोमिया प्रखंड में पिछले दो दिनों के भीतर हाथी हमलों में मृतकों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है।

गांगपुर गांव में दादा-पोते की दर्दनाक मौत, तीन घायल
गोमिया प्रखंड की महुआटांड़ पंचायत अंतर्गत गांगपुर गांव में हाथियों के हमले से कोहराम मच गया। हाथियों के तांडव में 60 वर्षीय सोमर साव और उनके आठ वर्षीय पोते अमन कुमार (आयुष) की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस हमले में 10 वर्षीय राहुल कुमार, शांति देवी और 10 वर्षीय राशि कुमारी गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिनका इलाज अस्पताल में जारी है।

घर में घुसकर हाथियों ने मचाया उत्पात
ग्रामीणों के अनुसार, गुरुवार रात करीब 8:30 बजे तीन हाथियों का झुंड गांव में घुस आया। अंधेरे का फायदा उठाते हुए हाथियों ने घरों के दरवाजे और दीवारें तोड़ दीं और भीतर मौजूद लोगों पर हमला कर दिया। इसी दौरान दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में बिजली नहीं थी, जिससे लोग संभल भी नहीं पाए।

एक व्यक्ति लापता, गांव में दहशत
घटना के बाद एक व्यक्ति के लापता होने की भी सूचना है। आशंका जताई जा रही है कि हाथी उसे अपने साथ ले गए हैं। लापता व्यक्ति की तलाश जारी है। लगातार हो रहे हमलों से गांव के लोग डर के साये में जीने को मजबूर हैं।

बड़की पन्नू गांव में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत
इससे एक दिन पहले गोमिया प्रखंड के बड़की पन्नू गांव में हाथियों के हमले में पति-पत्नी समेत एक ही परिवार के तीन लोगों की जान चली गई थी। बुधवार देर रात करीब तीन बजे पांच हाथियों का झुंड गांव में घुसा और एक घर के आंगन तक पहुंच गया।

भागते समय कुचले गए पति-पत्नी और भाभी
हमले के दौरान जान बचाकर भाग रहे गंगवा करमाली को हाथियों ने सूंड में लपेटकर पटक दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पति की चीख-पुकार सुनकर बाहर आईं उनकी पत्नी कमली देवी को भी हाथियों ने कुचल दिया। इसके बाद गंगवा करमाली की भाभी भगिया देवी ने बचने की कोशिश की, लेकिन हाथी ने उन्हें भी नहीं छोड़ा और उनकी भी मौके पर ही मौत हो गई।

लगातार हमलों से ग्रामीणों में आक्रोश और डर
लगातार हो रहे हाथी हमलों से गोमिया प्रखंड के ग्रामीणों में भय के साथ-साथ आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है। लोग वन विभाग से ठोस कदम उठाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग कर रहे हैं, ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।