हरियाणा

मौसम की मार से चिंतित किसान: बारिश और ओलावृष्टि ने आलू व टमाटर की फसल को पहुंचाया नुकसान, गेहूं पर भी खतरा

अंबाला। मौसम में लगातार बदलाव से किसानों की फसलें प्रभावित हो रही हैं। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश और ओलावृष्टि से आलू और टमाटर की फसल सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है। वहीं, सरसों और गेहूं की फसल में अभी नुकसान कम है, लेकिन भविष्य में अधिक बारिश और बढ़ते तापमान के कारण फसलों में बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

किसानों को दी गई सलाह

एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट के डिप्टी डायरेक्टर जसविंदर सैनी ने किसानों से कहा कि वे अपनी फसलों की लगातार निगरानी करें। बीमारी या कीट के संकेत दिखने पर तुरंत विभाग से दवाईयों का छिड़काव कराएं।

  • आलू की फसल के लिए: जिन किसानों ने आलू बारिश से पहले खेत से निकाल लिया, उनकी फसल सुरक्षित रही। निचले इलाकों में खड़ी आलू की फसल पानी में डूबकर खराब हो गई।
  • टमाटर की फसल के लिए: पहले रोपाई की गई टमाटर की फसल बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित हुई। नई रोपाई अभी शुरू हुई है।
  • गेहूं की फसल के लिए: ऊंचे इलाकों में गेहूं की फसल अच्छी है, लेकिन निचले इलाकों में पानी जमा होने से गलन और येलो रस जैसी बीमारियों का खतरा है।

मौसम और फसल का हाल

जसविंदर सैनी ने बताया कि पश्चिम विक्षोभ के कारण आने वाले दिनों में भी बारिश की संभावना है। यदि बारिश नियंत्रित रही, तो गेहूं की फसल को लाभ होगा। हालांकि, अधिक ओलावृष्टि होने पर नुकसान की आशंका है। उन्होंने कहा कि पिछले तूफान से कुछ नुकसान हुआ है, लेकिन कुल मिलाकर नुकसान अधिक नहीं हुआ।

कुल मिलाकर, किसानों को मौसम पर नजर रखकर समय पर सतर्कता बरतने और विभाग से संपर्क करने की जरूरत है।