आधी रात शॉर्ट सर्किट से मची तबाही, घर-दुकान बनी आग का गोला; पड़ोसियों की सूझबूझ से बाल-बाल बचा पूरा परिवार
बरेली। अलीगंज क्षेत्र के राजपुरा कला गांव में मंगलवार देर रात एक भयावह हादसा टल गया, जब शॉर्ट सर्किट के कारण दुकान और उससे जुड़े मकान में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि मकान का मुख्य दरवाजा पूरी तरह चपेट में आ गया और अंदर सो रहा पूरा परिवार मौत के मुहाने पर पहुंच गया। चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे पड़ोसियों ने साहस और सूझबूझ दिखाते हुए पीछे के दरवाजे पर सीढ़ी लगाई और सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
दुकानों से उठी लपटों ने मकान को घेरा
राजपुरा कला गांव निवासी शिवम माहेश्वरी ने अपने मकान के भूतल पर तीन दुकानें खोल रखी थीं। एक दुकान में मेडिकल स्टोर, दूसरी में जूते-चप्पल और तीसरी में कॉस्मेटिक का सामान रखा हुआ था। मंगलवार रात दुकानें बंद करने के बाद शिवम अपने परिवार के साथ पहली मंजिल पर बने मकान में सोने चले गए थे।
सुबह साढ़े पांच बजे मची अफरा-तफरी
बुधवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे मेडिकल स्टोर में लगे डीबीआर में शॉर्ट सर्किट होने से आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने तीनों दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया और लपटें ऊपर मकान तक पहुंच गईं। धुएं और आग की तपिश से परिवार की नींद खुली, लेकिन मुख्य दरवाजा आग में घिर चुका था और बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा था।
सीढ़ी लगाकर पड़ोसियों ने बचाई जान
परिवार की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। हालात की गंभीरता को देखते हुए पड़ोसियों ने मकान के पिछले हिस्से में सीढ़ी लगाई और पति-पत्नी समेत तीनों बच्चों को सुरक्षित नीचे उतारा। इस दौरान अफरा-तफरी और भगदड़ की स्थिति बन गई।
धमाकों से मचा हड़कंप, दो लोग घायल
आग के बीच अचानक घर में रखे दो छोटे गैस सिलिंडर और इनवर्टर की बैटरी फट गई। तेज धमाकों से इलाके में दहशत फैल गई। इस दौरान बचाव में जुटे दो पड़ोसी संतोष और गुलशन घायल हो गए। संतोष के हाथ में नुकीली वस्तु लगने से उंगली कट गई, जबकि गुलशन के हाथ में गंभीर चोट आई।
फायर ब्रिगेड डेढ़ घंटे बाद पहुंची, लोगों में आक्रोश
सुबह करीब छह बजे फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई, लेकिन तीन दमकल गाड़ियां करीब डेढ़ घंटे बाद मौके पर पहुंचीं। स्थानीय लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग का विकराल रूप देखते हुए वे सफल नहीं हो सके। दमकल टीम के पहुंचने के करीब एक घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका।
पांच मिनट में खत्म हुआ पानी, ट्यूबवेल से भरवानी पड़ी गाड़ी
आरोप लगे कि एक फायर टेंडर में महज पांच मिनट में ही पानी खत्म हो गया। इस पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी मनु शर्मा ने बताया कि आग बेहद भीषण थी, इसलिए 250 लीटर प्रति मिनट की रफ्तार से पानी छोड़ा गया। एक गाड़ी की क्षमता 2500 लीटर होती है, जो लगभग 10 मिनट में खाली हो जाती है। बाद में ग्राम प्रधान के ट्यूबवेल से गाड़ी में पानी भरवाया गया।
आग की तपन से दीवारों में आईं दरारें
आग इतनी भीषण थी कि मकान और दुकानों की दीवारों में दरारें पड़ गईं। धमाकों और आग की भयावहता को देखते हुए दमकल कर्मियों ने लोगों को घटनास्थल से दूर रहने के निर्देश दिए थे। गांव में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए थे।
मंत्री और प्रशासन ने लिया जायजा
घटना की जानकारी मिलते ही पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने उचित मुआवजा दिलाने की भी बात कही। वहीं नायब तहसीलदार दीप्ति सिंह ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर परिवार से बातचीत की और सहायता का भरोसा दिलाया।
