रांची स्टेशन होगा वर्ल्ड क्लास: एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं के साथ नई बिल्डिंग मार्च-अप्रैल तक चालू
रांची: रांची रेलवे स्टेशन का कायाकल्प जारी है। डीआरएम करुणानिधि ने बताया कि स्टेशन की मुख्य बिल्डिंग का निर्माण कार्य डेढ़ वर्ष में पूरा हो जाएगा। वहीं हटिया स्टेशन की री-मॉडलिंग और यार्ड री-मॉडलिंग का कार्य वर्ष 2027 तक पूरा होने की संभावना है। निर्माणधीन द्वितीय स्टेशन बिल्डिंग का 90 फीसदी काम हो चुका है और उम्मीद है कि मार्च-अप्रैल तक यह यात्रियों के लिए चालू हो जाएगा।
एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं यात्रियों को मिलेंगी
रांची स्टेशन की नई मुख्य बिल्डिंग लंदन-जर्मनी की तर्ज पर डिजाइन की जा रही है। इसे एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं से लैस किया जाएगा। यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रवेश और निकासी के अलग-अलग द्वार होंगे। पार्किंग की समुचित व्यवस्था होगी। स्टेशन में स्लीपिंग पोड लगाए जाएंगे और 36 मीटर का कनकोज बनाकर साउथ और नॉर्थ स्टेशन बिल्डिंग को जोड़ा जाएगा। पुरानी मुख्य बिल्डिंग में काम शुरू होने से पहले ट्रेनों का परिचालन द्वितीय स्टेशन बिल्डिंग से होगा।
यार्ड री-मॉडलिंग का पहला चरण पूरा, दूसरा चरण शुरू
रांची स्टेशन के यार्ड री-मॉडलिंग का पहला चरण पूरा हो चुका है। अगले चरण में 24 कोच की क्षमता वाली यार्ड री-मॉडलिंग का कार्य चालू होगा। इससे ट्रेनों के संचालन में तेजी आएगी और क्षमता में इजाफा होगा।
रेललाइन विस्तार: मंडल के कई रेलखंडों में डबलिंग और नई लाइनें
डीआरएम ने बताया कि मंडल के कई रेलखंडों में रेललाइन का विस्तार किया जाएगा। रांची-हटिया लाइन में तीसरी और चौथी लाइन बिछाई जाएगी। चांडिल-मुरी, बड़काकाना-मुरी, टोरी-रांची रेलखंड में डबलिंग लाइन का काम होगा। नगुआगांव से हटिया तक डबलिंग कार्य इस वर्ष पूरा होने की संभावना है, जिसमें लगभग 22-23 किलोमीटर की लाइन पहाड़ काटकर बिछाई जा रही है। लोधमा-पिस्का के बीच नई लाइन निर्माण से ट्रेनों के संचालन में सुधार होगा। इल्लू-सिल्ली लाइन का सर्वे कार्य पूरा हो चुका है और लाइन बिछाने का कार्य जल्द शुरू होगा। ब्रिज निर्माण का काम वर्ष 2027 तक पूरा होगा।
अमृत स्टेशन योजना के तहत निर्माण कार्य 90% पूरा
रांची रेलमंडल अधीन 15 अमृत स्टेशन योजना के तहत निर्माण कार्य जारी है। गोविंदपुर रोड स्टेशन का निर्माण कार्य और उद्घाटन हो चुका है। लोहरदगा, पिस्का, बानो, ओड़गा, बालसिरिंग, नामकुम, टाटीसिलवे, मुरी, रामगढ़ कैंट, झालिदा, सुईंसा और तुलीन में 90 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
