बिहार को बुलेट ट्रेन के साथ 10 हजार करोड़ की बड़ी सौगात, अश्विनी वैष्णव बोले—राज्य के लिए होगा गेम चेंजर
पटना। केंद्रीय रेल बजट 2026-27 में बिहार को रेलवे विकास के लिए बड़ी सौगात मिली है। राज्य के लिए 10 हजार 379 करोड़ रुपये का रेल बजट आवंटित किया गया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में करीब 300 करोड़ रुपये अधिक है। यह जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दी। उन्होंने कहा कि यह आवंटन बिहार में रेलवे परियोजनाओं को नई गति देगा।
बिहार को भी मिलेगी बुलेट ट्रेन की सुविधा
रेल मंत्री ने ऐलान किया कि बिहार को बुलेट ट्रेन की सौगात भी दी गई है। उन्होंने इसे राज्य के लिए गेम चेंजर बताते हुए कहा कि इससे न सिर्फ यातायात व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव आएगा, बल्कि औद्योगिक विकास को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा। प्रस्तावित बुलेट ट्रेन वाराणसी से पटना होते हुए सिलीगुड़ी तक चलेगी।
दिल्ली तक जुड़ेगा हाई-स्पीड नेटवर्क
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को आगे चलकर वाराणसी के जरिए दिल्ली से भी जोड़ा जाएगा। इसके बाद सिलीगुड़ी से पटना और वाराणसी होते हुए दिल्ली तक हाई-स्पीड रेल सेवा उपलब्ध होगी। इस पूरे मार्ग पर एलिवेटेड रेल लाइन बनाई जाएगी, जिस पर ट्रेनें 350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी।
सिलीगुड़ी से गुवाहाटी तक बढ़ेगा बुलेट ट्रेन कॉरिडोर
रेल मंत्री के अनुसार बुलेट ट्रेन का कॉरिडोर सिलीगुड़ी से आगे गुवाहाटी तक विस्तारित किया जाएगा। वाराणसी से पटना होते हुए सिलीगुड़ी तक की दूरी महज 2 घंटे 55 मिनट में तय की जा सकेगी, जबकि दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड कॉरिडोर के जरिए यह यात्रा लगभग 3 घंटे 50 मिनट में पूरी होगी।
रिकॉर्ड बजट से तेज होंगी रेल परियोजनाएं
बजट 2026-27 में बिहार के लिए रिकॉर्ड आवंटन किया गया है, जिससे राज्य में चल रही रेल परियोजनाओं को तेजी मिलेगी। मंत्री ने बताया कि बिहार में फिलहाल 1 लाख 9 हजार 158 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाएं स्वीकृत हैं, जिन पर काम जारी है। नए बजट से इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन में और तेजी आएगी।
98 अमृत भारत स्टेशनों का हो रहा पुनर्विकास
रेल मंत्री ने कहा कि बिहार में 3,287 करोड़ रुपये की लागत से 98 अमृत भारत रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। इनमें से थावे और पीरपैंती स्टेशन का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि अन्य स्टेशनों पर काम तेजी से चल रहा है।
मलेशिया के बराबर हुआ बिहार का रेल नेटवर्क विस्तार
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि वर्ष 2014 के बाद से बिहार में करीब 2,000 किलोमीटर नई रेल लाइन का निर्माण किया गया है, जो लगभग मलेशिया के कुल रेल नेटवर्क के बराबर है। इसके साथ ही 2014 से अब तक 3,330 किलोमीटर रेल ट्रैक का विद्युतीकरण किया जा चुका है। इसके परिणामस्वरूप बिहार में रेलवे का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा हो गया है।
