Monday, March 2, 2026
उत्तर प्रदेशलखनऊ

लखनऊ-कानपुर में तूफानी मौसम, दिन में अंधेरा; आंधी-बारिश के साथ मौसम विभाग ने जारी किया यलो अलर्ट

Lucknow: उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मंगलवार को मौसम का मिजाज अचानक बदला। लखनऊ और कानपुर में सुबह नौ से दस बजे के बीच घने काले बादलों ने सूरज को ढक लिया, जिससे सड़कें अंधेरी हो गईं और वाहनों को हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। इसके तुरंत बाद तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने पूरे शहर को प्रभावित कर दिया। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए प्रदेश के कई जिलों में ‘यलो अलर्ट’ जारी किया है।

लखनऊ में दृश्यता कम, टीन शेड और फ्लेक्स उड़े
हजरतगंज, गोमती नगर और अमौसी इलाके में अचानक काले बादल छा गए, जिससे दृश्यता (Visibility) बहुत कम हो गई। देखते ही देखते धूल भरी तेज आंधी चली और इसके बाद बारिश शुरू हो गई। तेज हवाओं की वजह से टीन शेड उड़ गए और सड़क किनारे लगे फ्लेक्स फट गए। 1090 चौराहे पर सड़क के किनारे हरी शीट उड़कर बिखर गई।

कानपुर में भी मौसम का कहर
कानपुर में कल्याणपुर से जाजमऊ तक तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। अचानक आए मौसम बदलाव से दफ्तर जाने वाले लोगों और स्कूल जाने वाले बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन गई।

मौसम बदलने की वजह
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी वाली हवाओं के मिलने से यह स्थिति बनी।

किस जिलों में यलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने फतेहपुर, रायबरेली, कानपुर नगर, कानपुर देहात, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, कन्नौज, हरदोई, सीतापुर, बहराइच, गोंडा और लखीपुर-खीरी जिलों के लिए आकाशीय बिजली गिरने, तेज गरज के साथ बादल, 30-50 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी और बारिश का यलो अलर्ट जारी किया।
इसके अलावा प्रतापगढ़, चित्रकूट, महोबा, बांदा, कौशाम्बी, हमीरपुर, जालौन, झांसी, इटावा, मैनपुरी, अयोध्या, औरैया और फर्रुखाबाद जिलों में हल्की बारिश और 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवा चलने की संभावना जताई गई है।

किसानों की चिंता बढ़ी
मौसम के इस अचानक बदलाव ने किसानों के लिए चिंता बढ़ा दी है। गेहूं की फसल तैयार हो रही है और सरसों की कटाई का समय है। तेज आंधी और बारिश, साथ ही ओलावृष्टि फसलों को भारी नुकसान पहुंचा सकती है। कृषि विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि फिलहाल सिंचाई रोक दें और कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखें।