छत्तीसगढ़

महतारी वंदन से बेटियों के सपनों को मिल रही उड़ान, हर महीने ₹1,000 बचाकर उमा सिंह संवार रहीं बिटिया का भविष्य

रायपुर: छत्तीसगढ़ में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना का लाभ अब घरेलू जरूरतों से आगे बढ़कर परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने में भी दिख रहा है। योजना के तहत मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता से महिलाएं बचत कर रही हैं और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई समेत भविष्य की जरूरतों के लिए आर्थिक आधार तैयार कर रही हैं।

बेटी के नाम हर महीने जमा कर रहीं राशि
सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत खुटिया निवासी उमा सिंह ने महतारी वंदन योजना से मिलने वाली सहायता राशि को अपनी बेटी के भविष्य के लिए बचाने का फैसला किया है। उन्हें योजना के तहत हर महीने 1,000 रुपये मिलते हैं। उमा सिंह इस पूरी राशि को अपनी बेटी के नाम पोस्ट ऑफिस में जमा कर रही हैं। उनका उद्देश्य आगे चलकर इस बचत का इस्तेमाल बेटी की शिक्षा और अन्य जरूरी जरूरतों के लिए करना है।

आज की बचत, कल बेटी के काम आएगी
उमा सिंह का कहना है कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि उनके लिए आर्थिक सहारा है। उन्होंने इस पैसे को तुरंत खर्च करने के बजाय बेटी के भविष्य के लिए सुरक्षित रखने का निर्णय लिया है। उनका मानना है कि हर महीने की छोटी बचत समय के साथ एक बड़ी रकम में बदल सकती है और बेटी की पढ़ाई के दौरान आर्थिक मददगार साबित होगी।

उमा सिंह की यह पहल बताती है कि सरकारी योजनाओं से मिलने वाली आर्थिक सहायता का इस्तेमाल महिलाएं अपनी जरूरत और प्राथमिकता के हिसाब से कर रही हैं। नियमित आर्थिक सहयोग से उनमें बचत की आदत के साथ परिवार से जुड़े आर्थिक फैसले लेने का आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है।

महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर जोर
महतारी वंदन योजना के जरिए महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इस राशि का इस्तेमाल महिलाएं घरेलू जरूरतों के साथ बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, बचत और भविष्य की आवश्यकताओं के लिए भी कर रही हैं। इससे परिवार की आर्थिक योजना बनाने में महिलाओं की भूमिका मजबूत हो रही है।

मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
उमा सिंह ने इस आर्थिक सहयोग के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के जरिए उन्हें अपनी बेटी के भविष्य के लिए बचत करने का अवसर मिला है। उनके मुताबिक, हर महीने मिलने वाली राशि बेटी के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में छोटी लेकिन अहम शुरुआत है।

नियमित आर्थिक सहायता मिलने पर महिलाएं सिर्फ मौजूदा जरूरतों को पूरा करने तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि भविष्य की तैयारी भी कर सकती हैं। उमा सिंह की बचत इसी सोच का उदाहरण है, जहां योजना की राशि को बेटी के सपनों और शिक्षा के लिए सुरक्षित किया जा रहा है।