मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद 5 मरीजों की आंखों में गंभीर संक्रमण, रोशनी बचाने की चुनौती
जयपुर: राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के कुचामन सिटी स्थित सरकारी अस्पताल में मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद पांच मरीजों की आंखों में गंभीर संक्रमण का मामला सामने आया है। ऑपरेशन के करीब 24 घंटे बाद सभी मरीजों की आंखों में संक्रमण के लक्षण दिखाई दिए और आंखें सफेद पड़ने लगीं। हालत बिगड़ने पर सभी को जयपुर के सवाई मान सिंह (एसएमएस) अस्पताल रेफर किया गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम उनकी आंखों की रोशनी बचाने के प्रयास में जुटी है।
ऑपरेशन के एक दिन बाद बिगड़ी तबीयत
जानकारी के अनुसार 28 जुलाई को कुचामन सिटी के सरकारी अस्पताल में पांच मरीजों का मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया था। अगले ही दिन मरीजों की आंखों में संक्रमण, तेज दर्द और सूजन की शिकायत शुरू हो गई। कुछ ही समय में आंखों का रंग सफेद पड़ने लगा, जिसके बाद स्थानीय चिकित्सकों ने सभी मरीजों को तत्काल उच्च चिकित्सा केंद्र भेजने का फैसला किया।
एसएमएस अस्पताल में शुरू हुआ विशेषज्ञों की निगरानी में इलाज
बुधवार रात करीब 9:30 बजे पांचों मरीज जयपुर स्थित एसएमएस अस्पताल पहुंचे। उन्हें ट्रॉमा एवं इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उपचार शुरू किया गया। मरीजों की गंभीर स्थिति को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने तत्काल विशेष मेडिकल बोर्ड का गठन किया।
चार सदस्यीय मेडिकल बोर्ड कर रहा निगरानी
एसएमएस मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने मरीजों के उपचार और निगरानी के लिए चार विशेषज्ञ डॉक्टरों का मेडिकल बोर्ड बनाया है। बोर्ड की अगुवाई नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. नगेन्द्र सिंह शेखावत कर रहे हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार सभी मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक उपचार किए जा रहे हैं।
रोशनी बचाना सबसे बड़ी प्राथमिकता
विशेषज्ञ चिकित्सकों के अनुसार मरीजों के अस्पताल पहुंचते ही तय मेडिकल प्रोटोकॉल के अनुसार इलाज शुरू कर दिया गया। फिलहाल संक्रमण गंभीर है और डॉक्टरों की प्राथमिकता इसे फैलने से रोकने के साथ मरीजों की आंखों की रोशनी सुरक्षित रखना है। मरीजों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
इन मरीजों का चल रहा इलाज
एसएमएस अस्पताल में भर्ती मरीजों में घासीराम (65), हीराराम (73), गोकुल (70), मीरा देवी (68) और नारायणी (67) शामिल हैं। सभी का उपचार विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में जारी है।
संक्रमण के कारणों की होगी जांच
एक साथ पांच मरीजों में ऑपरेशन के बाद संक्रमण फैलने की घटना के बाद पूरे मामले की जांच की आवश्यकता सामने आई है। प्रारंभिक स्तर पर संक्रमण के कारण स्पष्ट नहीं हुए हैं। जांच में ऑपरेशन थिएटर की स्वच्छता, उपकरणों के स्टरलाइजेशन, दवाइयों और अन्य चिकित्सकीय प्रक्रियाओं की समीक्षा की जा सकती है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता सभी मरीजों का उपचार और उनकी दृष्टि सुरक्षित रखने पर केंद्रित है।
