लखनऊ में 2747 प्लाटों की रजिस्ट्री होगी निरस्त? 440 भूखंडों पर खड़े हैं आलीशान बंगले, एलडीए ने भेजा प्रस्ताव
लखनऊ: राजधानी लखनऊ की सुशांत गोल्फ सिटी परियोजना में कथित फर्जीवाड़े को लेकर लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) अब बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है। अंसल एपीआई की इस परियोजना में प्राधिकरण के पास बंधक रखे गए 2747 भूखंडों की रजिस्ट्री निरस्त कराने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। आरोप है कि बंधक होने के बावजूद इन भूखंडों को बेचकर उनकी रजिस्ट्री करा दी गई। इनमें से 440 भूखंडों पर बड़े-बड़े बंगले और मकान बन चुके हैं, जबकि 81 भूखंडों पर आंशिक निर्माण मिला है।
3489 भूखंड एलडीए के पास रखे गए थे बंधक
शासन की रिपोर्ट के मुताबिक, अंसल बिल्डर ने एलडीए के पास कुल 3489 भूखंड बंधक रखे थे। बंधक होने के कारण इन जमीनों की बिक्री और रजिस्ट्री नहीं की जा सकती थी। इसके बावजूद बिल्डर ने कथित तौर पर इनमें से 2747 भूखंड बेच दिए और उनकी रजिस्ट्री भी करा दी।
मौजूदा स्थिति में केवल 742 भूखंड ऐसे मिले हैं, जिन्हें बिल्डर बेच नहीं पाया। एलडीए का कहना है कि बंधक जमीन की बिक्री या रजिस्ट्री नहीं हो सकती थी, क्योंकि यह प्राधिकरण के पास बंधक रखी गई संपत्ति थी।
440 भूखंडों पर बन चुके हैं बड़े बंगले
जांच में सामने आया है कि बंधक रखे गए 440 भूखंडों पर बड़े मकान और बंगले बन चुके हैं। वहीं 81 बड़े भूखंडों पर आंशिक निर्माण मिला है। हालांकि बड़ी संख्या में भूखंड अभी भी खाली हैं। अधिकारियों के मुताबिक रजिस्ट्री वाले और बिना रजिस्ट्री वाले मिलाकर कुल 2954 भूखंड फिलहाल मौके पर खाली पड़े हैं।
एलडीए के आकलन के अनुसार करीब 84.7 प्रतिशत विवादित भूखंडों पर कोई निर्माण नहीं हुआ है। अधिकारियों का मानना है कि यदि इनकी रजिस्ट्री और संबंधित डीड निरस्त हो जाती हैं तो खाली जमीनों को प्राधिकरण के कब्जे में लेना अपेक्षाकृत आसान होगा।
डीड निरस्त हुई तो खरीदारों का स्वामित्व खत्म होगा
आवास विभाग में दाखिल रिपोर्ट में बंधक जमीन से जुड़ी डीड निरस्त कराने का प्रस्ताव भी शामिल किया गया है। शासन के एक अधिकारी के मुताबिक, डीड निरस्त होने के बाद संबंधित खरीदारों का जमीन पर स्वामित्व अधिकार समाप्त हो जाएगा। इसके बाद जमीन को प्राधिकरण के कब्जे में लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।
एनसीएलटी के बाद तेज होगी कानूनी कार्रवाई
एनसीएलटी से टाउनशिप का हैंडओवर होने के बाद एलडीए इस मामले में कानूनी कार्रवाई तेज करने की तैयारी में है। बड़ी संख्या में रजिस्ट्रियों को एक साथ निरस्त कराने के लिए अदालत में सामूहिक वाद दायर करने की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है। प्रस्ताव मंजूर होने की स्थिति में सुशांत गोल्फ सिटी मामले में यह अब तक की बड़ी कार्रवाई में से एक होगी।
बंधक जमीन के मामले में आंकड़े
कुल बंधक रखे गए भूखंड: 3489
अंसल की ओर से बेचे गए बंधक भूखंड: 2747
बंधक भूखंडों पर बने बंगले: 440
आंशिक निर्माण वाले भूखंड: 81
बिल्डर द्वारा नहीं बेचे गए भूखंड: 742
अभी खाली पड़े भूखंड: 2954
