बिहार में सियासी हलचल तेज: कांग्रेस MLC समीर सिंह की सीएम सम्राट चौधरी से मुलाकात, कार्यकाल खत्म होने से पहले बढ़ी चर्चाएं
पटना। बिहार की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब कांग्रेस के विधान पार्षद समीर कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से उनके कार्यालय में मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच हुई इस बातचीत के बाद सियासी गलियारों में कयासों का दौर शुरू हो गया है, खासकर तब जब समीर सिंह का एमएलसी कार्यकाल दो महीने बाद समाप्त होने वाला है।
मुलाकात को बताया शिष्टाचार, क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा का दावा
कांग्रेस एमएलसी समीर कुमार सिंह ने इस मुलाकात को महज शिष्टाचार भेंट बताया है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी उनके क्षेत्रीय विधायक भी हैं, ऐसे में तारापुर विधानसभा क्षेत्र से जुड़े विकास कार्यों और स्थानीय समस्याओं को लेकर चर्चा की गई। उन्होंने किसी भी तरह की राजनीतिक अटकलों को खारिज किया।
जून 2026 में खत्म होगा कार्यकाल, चुनाव से पहले बढ़ी सक्रियता
समीर सिंह का एमएलसी कार्यकाल 28 जून 2026 को समाप्त होने जा रहा है। उन्हें जून 2020 में कांग्रेस की ओर से विधानसभा कोटे से विधान परिषद सदस्य बनाया गया था। वे बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के कार्यकारी अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उनके कार्यकाल के समाप्त होने से पहले यह मुलाकात राजनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है।
एमएलसी चुनाव की तैयारी, एनडीए का पलड़ा भारी
बिहार विधान परिषद की 9 सीटों पर जल्द चुनाव होने की संभावना है। जून में जिन सीटों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें समीर सिंह की सीट भी शामिल है। मौजूदा राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए सत्ताधारी एनडीए का पलड़ा भारी माना जा रहा है। 243 सदस्यीय विधानसभा में एनडीए के पास 202 विधायकों का समर्थन है, जिससे अधिकांश सीटों पर उसकी जीत आसान मानी जा रही है।
राज्यसभा चुनाव के बाद बढ़ी थी अंदरूनी हलचल
हाल ही में 16 मार्च को हुई राज्यसभा चुनाव की वोटिंग के दौरान कांग्रेस के तीन विधायक मतदान में शामिल नहीं हुए थे, जिससे महागठबंधन को झटका लगा था और उसके उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा था। इस घटना के बाद विपक्षी गठबंधन के भीतर मतभेदों की चर्चा भी तेज हो गई थी।
कैबिनेट विस्तार की तैयारी, सियासी सरगर्मी चरम पर
वहीं दूसरी ओर, सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली नई सरकार में जल्द ही कैबिनेट विस्तार की संभावना है। मुख्यमंत्री बनने के बाद 15 अप्रैल को उपमुख्यमंत्री के रूप में विजय चौधरी और बिजेंद्र चौधरी ने शपथ ली थी। 24 अप्रैल को सरकार ने विधानसभा में विश्वास मत भी हासिल कर लिया है। अब नए मंत्रियों को शामिल करने को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
शनिवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ भी बैठक की, जिससे यह संकेत मिल रहा है कि आने वाले दिनों में सरकार के विस्तार और सियासी समीकरणों में बड़े फैसले हो सकते हैं।
