दिल्ली के प्रमुख सरकारी अस्पतालों का होगा बड़ा कायाकल्प, एमएएमसी परिसर बनेगा आधुनिक हेल्थकेयर हब; तीन चरणों में लागू होगी योजना
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में स्वास्थ्य ढांचे को आधुनिक और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज परिसर के व्यापक पुनर्विकास के लिए अध्ययन को मंजूरी दी है। करीब 137 एकड़ में फैला यह परिसर केवल एक संस्थान तक सीमित नहीं, बल्कि इसमें लोकनायक अस्पताल, जीबी पंत अस्पताल, गुरु नानक आई सेंटर और मौलाना आजाद दंत विज्ञान संस्थान जैसे प्रमुख चिकित्सा संस्थान शामिल हैं।
समग्र विकास के लिए बनाई जाएगी दीर्घकालिक रणनीति
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पूरा परिसर एकीकृत मेडिकल सिस्टम के रूप में कार्य करता है, इसलिए इसके सुनियोजित और समग्र विकास की आवश्यकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने विस्तृत मूल्यांकन और दीर्घकालिक पुनर्विकास योजना तैयार करने के लिए कंसल्टेंसी असाइनमेंट को मंजूरी दी है। यह पूरी प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी की जाएगी।
पहले चरण में 30 वर्षों के लिए तैयार होगा मास्टर प्लान
योजना के तहत पहले चरण में पूरे परिसर के लिए एक विस्तृत मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा, जिसमें आगामी 30 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखा जाएगा। इस दौरान सभी स्थानीय नियमों, वैधानिक प्रावधानों और विकास प्राधिकरण के मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
दूसरे चरण में भवनों का स्ट्रक्चरल ऑडिट और तकनीकी मूल्यांकन
दूसरे चरण में मौजूदा भवनों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया जाएगा और तकनीकी जांच के आधार पर नए इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए आधुनिक डिजाइन और लेआउट तैयार किए जाएंगे। इसके जरिए पुराने ढांचे को सुरक्षित और अधिक उपयोगी बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।
तीसरे चरण में टेंडर प्रक्रिया और निर्माण की तैयारी
तीसरे चरण में निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए टेंडर से जुड़े सभी दस्तावेज तैयार किए जाएंगे। साथ ही पूरी प्रक्रिया में तकनीकी सहायता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि परियोजना समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरी हो सके।
मल्टी-लेवल पार्किंग से लेकर आधुनिक सुविधाओं तक होगा विस्तार
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत अस्पताल और शैक्षणिक भवनों के साथ-साथ बहुमंजिला आवासीय परिसर, छात्रावास, नर्सिंग सुविधाएं, फायर स्टेशन, स्वच्छता प्रणाली, आंतरिक सड़कें, बेहतर कनेक्टिविटी और सुरक्षा व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसके अलावा कैफेटेरिया, पार्किंग क्षेत्र और मल्टी-लेवल पार्किंग जैसी आधुनिक सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी।
डीपीआर और डिजिटल सर्वे के जरिए बनेगा आधुनिक मॉडल कैंपस
कंसल्टेंट द्वारा डिजिटल ग्राउंड सर्वे, इंजीनियरिंग ड्रॉइंग, तकनीकी दस्तावेज और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य परिसर को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और भविष्य के अनुरूप ‘इंटीग्रेटेड हेल्थकेयर एंड एजुकेशन हब’ के रूप में विकसित करना है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह परियोजना केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मरीजों को बेहतर सुविधाएं, स्वास्थ्य सेवाओं में विस्तार और मेडिकल शिक्षा के लिए विश्वस्तरीय वातावरण तैयार करने पर भी जोर दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य एक ऐसा मॉडल कैंपस विकसित करना है, जो स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों क्षेत्रों में नई मिसाल पेश करे।
