मेरठ में बन रहा ‘मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय’, 369 करोड़ की लागत से तैयार होगा देश का सबसे बड़ा स्पोर्ट्स हब
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में खेलों के विकास को नई गति देने के उद्देश्य से शुरू किया गया मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय प्रोजेक्ट अब तेजी से अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। मेरठ के सरधना क्षेत्र में बन रहा यह विश्वविद्यालय प्रदेश का पहला खेल विश्वविद्यालय होगा, जो न सिर्फ राज्य बल्कि देशभर के खिलाड़ियों के लिए बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा। निर्माण कार्य 85 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है और इसे खेल शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करने वाला प्रोजेक्ट माना जा रहा है।
ईपीसी मोड पर निर्माण, 91 एकड़ में फैला विशाल परिसर
मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय का निर्माण मेरठ जिले में करीब 36.9813 हेक्टेयर यानी लगभग 91.38 एकड़ भूमि पर किया जा रहा है। इस परियोजना पर लगभग 369.11 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय का निर्माण ईपीसी मोड पर किया जा रहा है और इसकी नोडल एजेंसी लोक निर्माण विभाग है। अब तक करीब 247.01 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जबकि शेष कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है।
31 मई तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य, अंतिम चरण में काम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत 31 मई तक निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। भवन निर्माण का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है और इस समय फिनिशिंग का काम तेज गति से चल रहा है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के नजदीक होने के कारण यह विश्वविद्यालय हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों के खिलाड़ियों के लिए भी सुलभ रहेगा।
नए कोर्स शुरू करने की तैयारी, अनुमति का इंतजार
विश्वविद्यालय का उद्देश्य युवाओं में खेल संस्कृति को बढ़ावा देना और उन्हें आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराना है। संस्थान के पहले कुलपति मेजर जनरल दीप अहलावत के नेतृत्व में शैक्षणिक और प्रशासनिक ढांचा मजबूत किया जा रहा है। फिलहाल बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स (बीपीईएस) पाठ्यक्रम संचालित हो रहा है, जबकि आगामी सत्र से बीपीएड, एमपीएड, बीएससी योगा और डिप्लोमा कोर्स शुरू करने की योजना है। इन पाठ्यक्रमों के लिए नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन से अनुमति मिलना बाकी है।
बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक में नए प्रस्तावों को मिलेगी मंजूरी
राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में मई माह में बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक प्रस्तावित है। इसमें नए पाठ्यक्रमों को अंतिम मंजूरी मिलने की उम्मीद है। इसके बाद विश्वविद्यालय में करीब 300 नए छात्रों के प्रवेश का लक्ष्य तय किया गया है। यह संस्थान शिक्षण और संबद्धता आधारित विश्वविद्यालय के रूप में कार्य करेगा, जहां सैद्धांतिक और प्रायोगिक दोनों आधारों पर डिग्री प्रदान की जाएगी।
स्नातक से पीएचडी तक शिक्षा, खेलों के विविध क्षेत्रों में पढ़ाई
विश्वविद्यालय में फिजिकल एजुकेशन, हेल्थ एंड एप्लाइड स्पोर्ट्स साइंसेज, स्पोर्ट्स मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, स्पोर्ट्स कोचिंग, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म और एडवेंचर स्पोर्ट्स जैसे विषयों में स्नातक, परास्नातक, डिप्लोमा, सर्टिफिकेट और पीएचडी तक की पढ़ाई की सुविधा दी जाएगी। इसका उद्देश्य प्रदेश में खेल उत्कृष्टता को बढ़ावा देना है।
अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा खेल परिसर
विश्वविद्यालय को आधुनिक खेल सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। इसमें सिंथेटिक ट्रैक, हॉकी मैदान, फुटबॉल ग्राउंड, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, हैंडबॉल और कबड्डी मैदान विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा लॉन टेनिस कोर्ट, जिम्नेजियम हॉल, स्विमिंग पूल, बहुउद्देशीय हॉल और स्पोर्ट्स साइंस लैब भी तैयार की जाएंगी। यहां कुल 22 ओलंपिक खेलों का संचालन प्रस्तावित है।
इस वर्ष एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, टेनिस, बैडमिंटन, वेटलिफ्टिंग, बॉक्सिंग, कुश्ती, योग, ताइक्वांडो, जूडो, स्विमिंग और कबड्डी जैसे खेल शुरू किए जाएंगे, जबकि अगले वर्ष शूटिंग, तीरंदाजी, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, वुशु, घुड़सवारी और जल क्रीड़ाएं भी जोड़ी जाएंगी।
प्रदेश को खेलों का मजबूत केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम
कुलपति मेजर जनरल दीप अहलावत ने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य विश्वस्तरीय कोचिंग, आधुनिक प्रशिक्षण और खेल विज्ञान अनुसंधान के जरिए खेल शिक्षा में नए मानक स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि यह संस्थान उत्तर प्रदेश को देश का सबसे मजबूत खेल केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जहां से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी और ओलंपियन तैयार किए जाएंगे। साथ ही इससे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
