दिल्ली में मानसून की एंट्री अब बस कुछ कदम दूर, 2 दिन का येलो अलर्ट जारी, 53.5 डिग्री जैसी तपिश से बेहाल रहे लोग
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में मानसून का इंतजार अब जल्द खत्म होने वाला है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो से तीन दिनों के भीतर मानसून दिल्ली में दस्तक दे सकता है। इसी बीच मंगलवार को राजधानी के लोगों को भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ा। अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, लेकिन लोगों को 53.5 डिग्री सेल्सियस जैसी तीखी गर्मी महसूस हुई।
मौसम विभाग ने दिल्ली के लिए बुधवार और गुरुवार को येलो अलर्ट जारी किया है। दोनों दिनों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। बुधवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 2.3 डिग्री अधिक है।
आज से शुरू होगा बारिश का दौर, तापमान में आएगी गिरावट
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार बुधवार से अगले सोमवार तक राजधानी में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। इसके चलते तापमान में गिरावट दर्ज होने की उम्मीद है और अधिकतम तापमान घटकर 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
विभाग का कहना है कि अगले दो से तीन दिनों के भीतर मानसून दिल्ली, हरियाणा, पंजाब समेत उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में सक्रिय हो जाएगा। हालांकि इस बार मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून की रफ्तार सामान्य से कुछ धीमी रही है, लेकिन अब यह तेजी से आगे बढ़ रहा है।
27 जून तक पहुंच जाना चाहिए था मानसून
दिल्ली में मानसून के आगमन की सामान्य तारीख 27 जून मानी जाती है। इस बार मानसून तय समय पर राजधानी तक नहीं पहुंच पाया, लेकिन यदि अगले दो-तीन दिनों में इसकी एंट्री हो जाती है तो इसे ज्यादा देरी नहीं माना जाएगा।
मंगलवार को मानसून उत्तराखंड के अधिकांश इलाकों को कवर करते हुए उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख तक पहुंच चुका है। मौसम विभाग ने 1 जुलाई से 6 जुलाई के बीच उत्तर-पश्चिम भारत, दिल्ली और पूर्वी उत्तर प्रदेश में अच्छी बारिश की संभावना जताई है।
उमस ने बढ़ाई परेशानी, तापमान से ज्यादा महसूस हुई गर्मी
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दिल्ली में वास्तविक तापमान की तुलना में ज्यादा गर्मी महसूस होने के पीछे शुष्क और नम हवाओं का मिश्रण जिम्मेदार है। पाकिस्तान की ओर से आने वाली शुष्क पश्चिमी हवाओं के कारण तापमान ऊंचा बना हुआ है, जबकि अरब सागर से आने वाली दक्षिण-पश्चिमी हवाएं वातावरण में नमी बढ़ा रही हैं।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जब शुष्क और नमी वाली हवाएं आपस में मिलती हैं तो उमस काफी बढ़ जाती है। ऐसी स्थिति में बादल तो बनते हैं, लेकिन पर्याप्त नमी नहीं होने के कारण बारिश नहीं हो पाती और लोगों को अत्यधिक गर्मी महसूस होती है।
दिल्ली की हवा सामान्य श्रेणी में दर्ज
गर्मी के बीच राजधानी की वायु गुणवत्ता में राहत देखने को मिली। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार मंगलवार सुबह 9 बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 150 दर्ज किया गया, जो सामान्य श्रेणी में आता है।
मानकों के अनुसार 0 से 50 के बीच वायु गुणवत्ता सूचकांक को अच्छा, 51 से 100 को संतोषजनक, 101 से 200 को सामान्य, 201 से 300 को खराब, 301 से 400 को बहुत खराब और 401 से 500 के बीच गंभीर श्रेणी माना जाता है।
