Wednesday, July 1, 2026
पंजाब

पंजाब में आंखों के इलाज में बड़ी राहत, मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 3,524 मरीजों की मुफ्त सर्जरी, सरकार ने खर्च किए करीब 2 करोड़ रुपये

चंडीगढ़: पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना राज्य में नेत्र चिकित्सा सेवाओं को नई मजबूती दे रही है। योजना के तहत हजारों मरीजों को सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में निःशुल्क आंखों के ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे इलाज में होने वाली देरी कम हुई है और विशेषज्ञ नेत्र उपचार तक लोगों की पहुंच आसान बनी है। खास तौर पर बुजुर्ग मरीजों को इससे बड़ी आर्थिक राहत मिली है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत अब तक 3,524 मरीजों की आंखों की सर्जरी पूरी तरह निःशुल्क करवाई जा चुकी है। इन ऑपरेशनों पर राज्य सरकार की ओर से करीब 1 करोड़ 98 लाख 68 हजार 890 रुपये खर्च किए गए हैं।

मोतियाबिंद के ऑपरेशन सबसे ज्यादा, 87 फीसदी से अधिक सर्जरी इसी श्रेणी की

योजना के तहत सबसे अधिक संख्या मोतियाबिंद के ऑपरेशनों की रही है, जिसे बुजुर्गों में अंधत्व का प्रमुख कारण माना जाता है। आंकड़ों के मुताबिक 3,070 मरीजों की स्मॉल इन्सीजन कैटरैक्ट सर्जरी नॉन-फोल्डेबल इंट्रा-ऑक्यूलर लेंस के साथ की गई।

इन सर्जरियों पर कुल 1 करोड़ 54 लाख 40 हजार 380 रुपये खर्च हुए, जो योजना के तहत हुई कुल नेत्र सर्जरियों का 87 प्रतिशत से अधिक हिस्सा है।

सैकड़ों मरीजों को अन्य नेत्र रोगों के इलाज का भी मिला लाभ

मोतियाबिंद के बाद सबसे अधिक उपचार प्टेरीजियम विद कंजंक्टाइवल ऑटोग्राफ्ट प्रक्रिया के तहत किए गए। इस श्रेणी में 333 मरीजों की सर्जरी की गई, जिस पर 31 लाख 83 हजार 300 रुपये खर्च किए गए।

इसके अलावा 28 एंट्रोपियन करेक्शन और 12 एक्ट्रोपियन करेक्शन सर्जरी भी निःशुल्क की गईं। योजना के तहत बच्चों की लेंस सर्जरी, ग्लूकोमा का उपचार, टियर डक्ट सर्जरी समेत कई अन्य प्रकार के नेत्र ऑपरेशन भी शामिल किए गए हैं, जिससे सभी आयु वर्ग के मरीजों को लाभ मिल रहा है।

आधुनिक नेत्र उपचार अब हर वर्ग की पहुंच में

गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज, फरीदकोट के नेत्र रोग विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. मुनीश धवन ने कहा कि यह योजना आधुनिक नेत्र उपचार को आम लोगों के लिए सुलभ और किफायती बना रही है।

उन्होंने बताया कि योजना के तहत अत्याधुनिक नेत्र उपचार पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। फोल्डेबल इंट्रा-ऑक्यूलर लेंस के साथ आधुनिक फेकोइमल्सिफिकेशन मोतियाबिंद सर्जरी भी बिना किसी शुल्क के की जा रही है। इसके साथ ही ग्लूकोमा जैसी गंभीर बीमारी का इलाज भी योजना में शामिल है, जिससे मरीजों पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ता।

बुजुर्ग मरीजों के लिए बड़ी राहत बनी योजना

डॉ. मुनीश धवन ने कहा कि आर्थिक कारणों से कई बुजुर्ग मरीज वर्षों तक आंखों का इलाज टालते रहते थे, लेकिन अब मुख्यमंत्री सेहत योजना ने उन्हें बड़ी राहत दी है।

उन्होंने कहा कि मोतियाबिंद जैसी सर्जरियां अब पहले की तुलना में अधिक सुलभ हो गई हैं, जिससे मरीजों के जीवन स्तर में सुधार आया है और वे दैनिक कार्यों को अधिक आत्मनिर्भरता के साथ कर पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि भेंगापन के ऑपरेशन की सुविधा भी योजना के तहत निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है।

40 साल से अधिक उम्र के लोगों को नियमित जांच की सलाह

नेत्र रोग विशेषज्ञों ने आंखों की बीमारियों की रोकथाम के लिए नियमित जांच पर जोर दिया है। डॉ. मुनीश धवन ने कहा कि बच्चों की समय-समय पर दृष्टि जांच, 40 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की नियमित नेत्र जांच और मधुमेह के मरीजों की लगातार निगरानी बेहद जरूरी है, क्योंकि डायबिटीज आंखों की रोशनी पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है।

निजी अस्पतालों को जोड़ने से बढ़ी सेवाओं की पहुंच

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि योजना के तहत सूचीबद्ध निजी अस्पतालों को शामिल करने से आधुनिक नेत्र चिकित्सा सेवाएं पूरे राज्य में अधिक सुलभ हो गई हैं।

उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों के साथ निजी अस्पतालों तक सेवाओं का विस्तार करने से अधिक मरीजों को समय पर निःशुल्क सर्जरी उपलब्ध हो पा रही है। समय पर उपचार से दृष्टि संबंधी गंभीर समस्याओं को रोका जा सकता है और मरीजों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

आंखों से जुड़े लक्षणों को नजरअंदाज न करने की अपील

स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों से अपील की कि धुंधला दिखाई देना, आंखों में लगातार जलन होना, अत्यधिक पानी आना या पलकों से जुड़ी किसी भी प्रकार की समस्या को हल्के में न लें। उन्होंने कहा कि समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने से जटिलताओं से बचा जा सकता है और आंखों की रोशनी को सुरक्षित रखा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना पंजाब की स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत बना रही है और इसके माध्यम से पात्र मरीजों को सामान्य से लेकर विशेष नेत्र सर्जरी तक की सुविधाएं पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।